सोलर लाइट दिखाते इंजी. अभिनव त्रिपाठी व निदेशक प्रतीक त्रिपाठी।
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ। भारत सरकार के स्टार्टअप अभियान की मदद से नगर के इंजीनियर अभिनव त्रिपाठी ने ऊंची छलांग लगाई है। एक लाख रुपये की पूंजी से सोलर लाइट का व्यापार शुरू किया। इसे आज 10 करोड़ की कंपनी में तब्दील कर दिया। पिछले दिनों इंडिया 500 स्टार्टअप अवार्ड के लिए जिन कंपनियों का चयन किया गया, उनमें अभिनव की लाइस्ट एलईडी कंपनी भी शामिल है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अभिनव में अपना अनुभव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी साझा किया है।
नगर के मोहल्ला त्रिपाठी नगर निवासी इंजीनियर अभिनव त्रिपाठी ने प्रारंभिक शिक्षा नगर के हीरालाल वीएन इंटर कालेज से प्राप्त की। इंजीनियरिंग कॉलेज आफ जोधपुर से एमटेक किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्टार्टअप स्कीम के तहत एक लाख रुपये की पूंजी से वर्ष 2017 में नोएडा में लाइस्ट एलईडी कंपनी प्राइवेट लिमिटेड की नींव रखी। थोड़े ही समय में ही कंपनी का वार्षिक टर्नओवर लगभग 10 करोड़ रुपये हो गया। 60 लोगों को रोजगार मिला है। अभिनव के छोटे भाई व कंपनी के निदेशक प्रतीक त्रिपाठी ने बताया कि उनके यहां सोलर लाइट संबंधी सभी प्रोडक्ट का निर्माण होता है। एसी, डीसी स्ट्रीट लाइट, एलईडी बल्ब, एलईडी के ड्राइवर (मदर बोर्ड) और 24 से 150 वाट की एलईडी सोलर स्ट्रीट लाइट बनाई जाती हैं। उनके उत्पादों के खरीदार हीरो मोटोकॉर्प, प्रदेश की कई नगर पालिका, नगर पंचायत, विकास खंड व ग्राम पंचायतें हैं।
इंजी. अभिनव त्रिपाठी का कहना है कि बिजली दिन पर दिन महंगी होती जा रही है। रोशनी पाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सहित प्रदेश सरकारें भी इस दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। युवाओं के लिए इसमें कॅरियर बनाने की अपार संभावनाएं हैं।
तीन घंटे में चार्ज होकर पूरी देंगी रोशनी
इंजीनियर अभिनव त्रिपाठी ने बताया कि बिजली की किल्लत व बिजली के दामों में बढ़ोतरी के चलते आने वाला समय सौर ऊर्जा का होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए बड़ी कंपनियां सोशल वेलफेयर स्कीम के तहत गांवों और शहरों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगवा रही हैं। हीरो मोटो कार्प ने राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली एनसीआर में उनकी कंपनी से 4300 इंटीग्रेटेड सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाई हैं। जल्दी ही 8500 स्ट्रीट लाइटें गुजरात, राजस्थान, हरियाणा व उत्तराखंड में लगेंगी। इसकी बैटरी का चार्जर वक्फ वुफ टेक्नोलॉजी पर आधारित है। यह धूप में तीन घंटे में ही बैटरी को फुल चार्ज कर देता है। युवाओं को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। सरकार सोलर पावर पर अच्छी सब्सिडी दे रही है।