झांसी। 15 से 18 साल के किशोरों में टीकाकरण को लेकर काफी उत्साह देखा गया। पहले दिन 1206 किशोरों ने केंद्रों पर पहुंचकर वैक्सीन लगवाई। टीका लगवाने के बाद उनके चेहरे खिल उठे। किशोरों ने कहा कि वह तो एक साल से वैक्सीन की अनुमति का इंतजार कर रहे थे। कई जागरूक बच्चों ने खुद आगे आकर पंजीकरण कराया। तो कइयों के परिजनों ने बच्चों का हौसला बढ़ाया। टीका लगवाने के बाद बच्चों ने सोशल मीडिया पर टीकाकरण कार्ड भी अपलोड किए।
सोमवार से झांसी समेत देश भर में 15 से 18 साल तक के किशोरों का टीकाकरण शुरू हो गया है। झांसी में 52 केंद्रों पर कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। टीकाकरण केंद्रों को गुब्बारों से सजाया गया। ऑनलाइन और ऑनस्पॉट दोनों तरह से पंजीकरण करके किशोरों को वैक्सीन लगाई गई। झांसी में पहले दिन 1206 किशोरों ने अलग-अलग केंद्रों पर पहुंचकर राहत का टीका लगवाया। कई किशोर तो खुद ही पंजीकरण कराकर टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचे। जबकि, कई बच्चे अपने परिजनों के साथ वैक्सीन लगवाने के लिए गए। टीका लगने के बाद 15 मिनट तक उन्हें प्रतीक्षा कक्ष में बिठाया गया। किसी को भी कोई दिक्कत नहीं हुई। टीका लगवाने के बाद कई बच्चों ने परिजनों से फोटो भी खिंचवाई। फोटो के साथ टीकाकरण कार्ड को सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया। अपने साथियों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करते रहे। जिला अस्पताल में टीका लगवाने आए अथर्व गुप्ता ने कहा कि वैक्सीन को लेकर पहले कुछ डर था लेकिन जब लगी तो पता ही नहीं चला। पिता विमल जैन के साथ आई अंशी ने बताया कि उसने तो खुद ही वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण कराया है। अंश अग्रवाल ने बताया कि अब अपने दोस्तों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करूंगा। सुभाषगंज की रहने वाली रुचि गुप्ता ने बताया कि सुई लगने को लेकर बेटी सिद्धि थोड़ी घबराई हुई थी। हम वैक्सीन का महत्व जानते हैं, इसलिए बच्ची को प्रेरित किया। बच्ची के साथ टीकाकरण केंद्र भी पहुंची। फिर बच्ची ने खुशी-खुशी वैक्सीन लगवा ली।
वहीं, जिला अस्पताल में मेयर रामतीर्थ सिंघल ने शुभारंभ कर टीकाकरण की शुरूआत की। इस दौरान एडी हेल्थ डॉ. अल्पना बरतारिया, सीएमओ डॉ. अनिल कुमार, सीएमएस डॉ. अतुल गुप्ता, डॉ. एनके जैन, डॉ. रविशंकर मौजूद रहे। वहीं, मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने दीप जलाकर टीकाकरण की शुरूआत की। इस दौरान टीकाकरण प्रभारी डॉ. विमल आर्या मौजूद रहे। शासन की तरफ से झांसी को 1.40 लाख वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया है।
शहर में इन केंद्रों पर लगी वैक्सीन
जनपद में 44 टीकाकरण केंद्र ग्रामीण इलाकों में बनाए गए थे। जबकि, सोमवार को जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, कैंट अस्पताल, आयुर्वेदिक कॉलेज, पुलिस अस्पताल, पीएचसी सीपरी बाजार, नगरा, राजघाट में किशोरों को कोरोना का टीका लगाया गया।
28 दिन बाद लगेगी दूसरी डोज
चूंकि, शासन की तरफ से किशोरों को को-वैक्सीन ही लगाने की मंजूरी दी गई है। ऐसे में पहली डोज लगने के 28 दिन बाद दूसरी डोज लगवानी होगी। बच्चों को मिले टीकाकरण कार्ड में भी चार सप्ताह बाद की तारीख लिखी गई है।
ये बोले किशोर
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जब से जानकारी हुई कि तीन जनवरी से कोरोना की वैक्सीन लगेगी, तब से खासी उत्साहित थी। पहले दिन ही वैक्सीन लगवाने की ठानी थी। इसलिए सोमवार को ही लगवाई। - परिधि, आवास विकास।
कोरोना से बचाव के लिए एकमात्र उपाए वैक्सीन ही है। परिजनों को लग गई थी लेकिन उम्र की बाध्यता के चलते मैं रह गई थी। अब वैक्सीन लगवाकर काफी खुशी महसूस हुई है। - अनायशा, खातीबाबा।
कभी पहली, कभी दूसरी, अब तीसरी लहर की बात कही जा रही है। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अब टीका लगने से कोविड का डर खत्म हो गया। बेहिचक पढ़ सकूंगा। - अभय द्विवेदी, गोविंद चौराहा।
काफी दिनों से किशोरों को वैक्सीन लगाने की मंजूरी का इंतजार कर रही थी। प्रधानमंत्री ने जिस दिन इसकी घोषणा की तो सुनकर खुशी हो गई। पापा के साथ वैक्सीन लगवाने आई हूं। - तनिष्क साहू, दतिया गेट।
अब तक वैक्सीन नहीं लगनी होने से परिजन भी काफी चिंतित रहते थे। उन्हें लगता था कि कहीं कोरोना न हो जाए। आज पहली डोज लगवाई है। समय पर ही दूसरी लगवाऊंगा। - विनायक दुबे, जुगयाना।
आज लगा मानो कोरोना का सुरक्षा कवच पहल लिया है। वैक्सीन लगवाने में कोई भी दिक्कत नहीं हुई। पता ही नहीं लगा कब डोज लग गई। सभी लोग समय पर टीका लगवा लें। - कुशल गुप्ता, बड़ागांव गेट।
कोरोना वैक्सीनेशन का स्लॉट खुलते ही पंजीकरण करा लिया था। टीका लगने की शुरूआत होने के साथ ही जिला अस्पताल आ गई। वैक्सीन भी लग चुकी है। खुश हूं। - दिशा गोयल, अन्नपूर्णा कॉलोनी।
वैक्सीन लगने के बाद जो लोग पॉजिटिव हु, उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। ऐसे में तय है कि महामारी से टीका ही बचा सकता है। इसलिए मंजूरी मिलते ही पहले दिन टीका लगवाया। - तेजस जैन, इंतवारीगंज।