झांसी। साइबर अपराधी बुंदेलखंड में अपना शिकंजा लगातार मजबूती कसते जा रहे हैं। एक साल में अपराधियों ने 307 लोगों को अपना शिकार बनाया है। इसका खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की हालिया रिपोर्ट में हुआ है। ये वे मामले हैं, जो पुलिस के अभिलेखों में दर्ज हो गए। वरना, तमाम मामलों में तो पीड़ित चुप्पी साधकर बैठ जाते हैं। साइबर क्राइम के मामले में बुंदेलखंड के सातों जिलों में झांसी पिछले दो सालों से टॉप पर बना हुआ है।
गुमनावारा निवासी 21 वर्षीय युवती यशस्वी ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद खुद के पैरों पर खड़े होने का सपना देखा था। वो जॉब की तलाश कर रही थी, तभी उसे एक नामचीन कंपनी में जॉब होने की जानकारी हुई। संपर्क करने पर कंपनी की ओर से बताया गया कि घर से काम करना होगा और प्रतिमाह 25 हजार रुपये वेतन दिया जाएगा। आवेदन करने के बाद कंपनी की ओर से विभिन्न बहाने बनाकर उससे 48,500 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। इससे मानसिक रूप से परेशान हुई यशस्वी ने जुलाई माह में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बाद में मालूम चला कि युवती साइबर क्राइम की शिकार हुई थी। साइबर अपराधियों ने एक बड़ी कंपनी से मिलते-जुलते नाम का सहारा लेकर ठगी की घटना को अंजाम दिया था।
ये कोई एक मामला नहीं है, साइबर क्राइम के ऐसे मामले में आए दिन सामने आते रहते हैं। कभी लॉटरी का लालच देकर तो कभी नौकरी के नाम पर खातों से रकम उड़ा ली जाती है। इसके अलावा अन्य कई हथकंडे अपनाकर अपराधी लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। बुंदेलखंड के सातों जिलों में साइबर अपराधी अपना जाल फैलाए हुए हैं। एनसीआरबी द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने वर्ष 2019 में साइबर क्राइम के 296 मामले दर्ज किए थे, जबकि 2020 में इनकी संख्या बढ़कर 307 पर पहुंच गई। जबकि, तमाम पीड़ित ऐसे हैं, जो साइबर अपराध का शिकार होने के बाद चुप्पी साधकर बैठ जाते हैं। पुलिस के पास जाने तक की जहमत नहीं उठाते हैं।
बुंदेलखंड के सभी जिलों में सक्रिय हैं साइबर अपराधी
जनपद 2019 2020
झांसी 89 78
जालौन 81 71
बांदा 28 64
चित्रकूट 37 35
हमीरपुर 29 30
महोबा 16 14
ललितपुर 16 15
केस - 1
मोबाइल मिला नहीं, रकम हाथ से गई
झांसी। नरसिंह राव टोरिया निवासी एक युवक को एक सोशल प्लेटफार्म के जरिये एक व्यक्ति ने बताया कि वो अपना 40 हजार रुपये कीमत का एक महीने पुराना मोबाइल 10 हजार में बेच रहा है। व्यक्ति ने बताया कि उसे पैसों की तत्काल जरूरत है। रकम ट्रांसफर करने के लिए उसने खाता नंबर दे दिया। युवक ने दस हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन एक हफ्ते बाद भी मोबाइल नहीं मिला। संपर्क करने पर उससे पांच हजार रुपये और मांगे गए। ये रकम भी ट्रांसफर कर दी। इसके बाद मोबाइल नंबर बंद हो गया। इसके बाद युवक को अहसास हुआ कि वो साइबर क्राइम का शिकार हो गया है।
केस - 2
न्यूड कॉल के जरिये फंसाया जाल में
झांसी। सिविल लाइन निवासी एक व्यक्ति के पास देर रात एक अनजान महिला की वीडियो कॉल आई। महिला ने बातों के जाल में फंसाकर घनिष्टता बढ़ा ली। दोनों के बीच अश्लील बातें होने लगीं। एक रात महिला ने न्यूड कॉल की। तकरीबन आधा घंटे तक दोनों में इसी अवस्था में बातचीत हुई। कुछ दिन बाद महिला ने न्यूड कॉल की रिकॉर्डिंग उसे भेज दी। इसे सार्वजनिक करने की धमकी देते हुए पचास हजार रुपये की मांग की। ये रकम चुकाने पर पचास हजार और मांगे गए। तब पीड़ित ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। हालांकि, उसे रकम वापस नहीं मिल पाई।