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पाल कॉलोनी में गहराया पानी का संकट, हैंडपंप भी हो गए हैं खराब

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पाल कॉलोनी में खराब पड़ा हैंडपंप।
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झांसी। आठ हजार की आबादी वाली पाल कॉलोनी में पेयजल संकट गहराने लगा है। इक्का-दुक्का हैंडपंप ही पानी उगल रहे हैं, जिन पर हर समय पानी भरने वालों की भीड़ लगी रहती है। यहां के अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं। जलनिगम ने छह महीने पहले पाइप लाइन डाल दी थी, लेकिन टंकी न बनने से पानी आज तक नहीं पहुंचा। गंदगी से नालियां बजबजा रहीं हैं। गलियों में कभी सफाई नहीं होती है।
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ग्वालियर रोड पर स्थित नगर निगम के वार्ड नंबर 21 में आने वाली पाल कॉलोनी में डेढ़ हजार से अधिक परिवार निवास करते हैं। यहां की आबादी करीब आठ हजार है। जलनिगम ने यहां छह महीने पहले पाइप लाइन डाल दी थी, लेकिन पानी की टंकी का निर्माण न होने से यहां आज तक आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। दूसरा गड्ढे भी मिट्टी से औपचारिक भर दिए गए। इससे गली ऊबड़- खाबड़ हो गई है। लोगों को निकलने में दिक्कत हो रही है।
यहां अधिकांश आबादी हैंडपंप के पानी पर ही निर्भर है। कॉलोनी में लगभग बीस हैंडपंप लगे हैं, जिनमें पंद्रह खराब चल रहे हैं। खासकर कालीचरण पांचाल, गनेश पाल, शिवशंकर पाल के घर के पास, मदर स्कूल, मुर्गी फार्म हाउस के पीछे लगा हैंडपंप खराब होने से लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इन गलियों के लोगों को आधे किलोमीटर दूर से मंदिर के पास लगे हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ रहा है।
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मेरे घर के बाहर लगा हैंडपंप पिछले एक साल से खराब चल रहा है। कुएं से पानी भरकर लाना पड़ता है। बहुत परेशान होना पड़ रहा है।
-गुड्डी पाल।
मेरे घर के पास लगे दोनों हैंडपंप खराब चल रहे हैं। दूसरी गली में लगे हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ता है। पानी भरने को लेकर पूरा परिवार परेशान रहता है।
काजल श्रीवास।
कोराना वायरस से बचाव के लिए सरकार तमाम कदम उठा रही है। वहीं, हमारी कॉलोनी में न तो गलियों और न ही नालियों की सफाई हो रही है। गंदगी से बुरा हाल रहता है।
शिवम यादव।
मेरा बड़ा परिवार है। उसी हिसाब से पानी की आवश्यकता भी बहुत पड़ती है। तीसरी गली में लगे हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ता है। पानी भरते- भरते बुरा हाल रहता है।
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रजनी।
जलनिगम ने पाइप लाइन डालने के बाद गड्ढों को मिट्टी से औपचारिक भर दिया। इससे गली ऊबड़- खाबड़ हो गई है। चलना तक मुश्किल हो गया है।
रचना पाल।
मेरी गली में मंदिर के पास एक कुआं है। लेकिन रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है। अगर नगर निगम इसकी सफाई करा दे तो लोगों को बहुत मदद मिल सकेगी।
जयदेवी।
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