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लीकेज का पानी खेत में भर जाने से सब्जी का नुकयान

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झांसी। पाल कॉलोनी मार्ग पर पाइपलाइन में लीकेज होने से बहा पानी आसपास के खाली प्लॉटों में भर गया। पानी आसपास के खेतों में भी पहुंच गया। रही-सही कसर बारिश ने पूरी कर दी। इससे खेतों में खड़ी सब्जी की फसल नष्ट हो गई। ऐसे में लीकेज सुधारने के लिए पुलिया की स्लैब काटनी पड़ी। इसके लिए शाम तक काम चलता रहा।
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ग्वालियर मार्ग पर महानगर के वार्ड नंबर 21 में पाल कॉलोनी के पास प्रेम सिंह का डेरा, लच्छी का डेरा और काशीराम का डेरा में करीब साठ से सत्तर परिवार रहते हैं। अधिकांश लोग खेती में सब्जी की पैदावार करते हैं। करीब एक सप्ताह पहले पहूंज बांध से आई पानी की पाइपलाइन में लीकेज हो गया था। जहां लीकेज था, वह स्थान पुलिया के नीचे था। इस कारण लीकेज समझ में नहीं आया। उधर, बारिश भी हो रही थी। इससे सड़क के दूसरी ओर खाली प्लॉटों में पानी भर गया। पहले तो लोगों ने सोचा कि बारिश का पानी होगा, लेकिन बाद में पता चला कि वह पानी पुलिया के नीचे लीकेज होने से भर रहा है।
ऐसे में वहां पर सब्जी उगाने वाले खेतों में पानी भर जाने से मूली, धनिया, प्याज, लहसुन, रौंसा की फली आदि की फसल नष्ट हो गई। यही नहीं, रास्ते में पानी भर जाने से कीचड़ हो गया, जिससे आने जाने वालों को निकलने में परेशानी हो रही है।
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पानी से बहुत परेशानी हो रही है। एक तो बरसात ऊपर से लीकेज का पानी बहकर आसपास भर गया। इस पानी की जब तक निकासी नहीं होगी, तब तक ऐसे ही परेशान रहना पड़ेगा।
मनीष
खेत में पानी भर जाने के कारण सब्जी नष्ट हो गई। पिछले छह दिन से लीकेज का पानी उनके खेतों में भर रहा था। बाद में नाली खोदकर पानी बाहर निकाला। अभी भी पानी निकल रहा है।
राधे लाल कुशवाहा
यहां से रोज स्कूल आना-जाना पड़ता है। कीचड़ के कारण बहुत परेशानी हो रही है। संभलकर न चलो तो साइकिल फंस जाती है। रास्ता सूखेगा तभी राहगीरों को राहत मिलेगी।
मुस्कान
कीचड़ हो जाने के कारण सुबह उनका पैर फिसल गया, जिससे चोट लग गई। काफी दर्द हो रहा है। पानी भर जाने के कारण रास्ता कीचड़ भरा हो गया है। जब सूखेगा, तब राहत मिलेगी।
कस्तूरी
बुढ़ापे में बहुत संभलकर चलना पड़ रहा है। यदि जरा भी फिसल गए तो हाथ-पैर टूट जाएंगे। तेज धूप निकलने का इंतजार कर रहे हैं। जब रास्ता सूखेगा, तभी राहत मिलेगी।
धनीराम
मामूली लीकेज था, लेकिन पुलिया के नीचे होने के कारण बिना पुलिया तोड़े काम नहीं हो पा रहा था। पहले जेसीबी बुलाई, लेकिन ऊपर से तार निकले होने के कारण कंप्रेशर मशीन मंगानी पड़ी। पुलिया की स्लैब काटकर काम शुरू किया गया। यहां जलभराव तो बारिश का है। क्षेत्र में पानी की किल्लत नहीं हुई, क्योंकि लाइन को दूसरी सप्लाई से जोड़ दिया गया था।
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आरएसएस बादलीवाल, अधिशासी अभियंता-जल संस्थान
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