ललितपुर से ग्राम बंट पहुंचे दोनों बेटियों के शवों को देखकर दोनों घरों में कोहराम मच गया। दोनों के माता- पिता, भाई- बहन व अन्य परिजन फूट- फूट कर रोने लगे। इसके बाद दोनों की अर्थियां एक साथ निकलने से गांव में मातम पसर गया।
जिस घर के सामने से अर्थियां निकलीं, हर किसी की आंखों से आंसू बहने लगे। दोनों के शवों का गांव के बाहर एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इसी तरह बरतला गांव की किशोरी के परिजनों ने भी पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इसके बाद परिजनों ने किशोरी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
जान बचाने को देवी मां से मांगी मन्नत, नहीं हुई पूरी
आस्था और नैंसी को तालाब से अचेत अवस्था में निकालने के बाद परिजन व ग्रामीण उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले गए, लेकिन गांव में उनकी माताएं, भाई और बहनें उनकी जान बचने की आस में देवी मां से मन्नतें मांगते रहे, लेकिन किसी की मन्नत काम न आईं और दोनों की मौत हो गई।