students protest over incomplete marksheet
ललितपुर। राजकीय इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट के 854 छात्रों की अंकतालिका में नंबर प्रदर्शित न होने से नाराज छात्रों ने सोमवार की देर शाम को कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया। गुस्साए छात्रों ने कॉलेज में चल रही बैठक में मौजूद प्रधानाचार्य और एसडीएम सहित प्रशासनिक अधिकारियों को कमरे में बंद कर दिया। नारेबाजी कर रहे छात्रों ने अधिकारियों के लाख समझाने के बाद भी जब गेट नहीं खोला तो मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने छात्रों को खदेड़ दिया, इससे छात्रों में भगदड़ मच गई और परिसर में रखे कई गमले व सामान टूट गया।
यूपी बोर्ड में इंटरमीडिएट का रिजल्ट घोषित होने के बाद से राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र और उनके परिजन परेशान हैं। असल में कॉलेज में इंटरमीडिएट के 854 छात्रों की अंकतालिका में नंबर नहीं चढ़े हैं। इसे लेकर छात्र कई बार प्रधानाचार्य से बातचीत कर चुके हैं, मामले को लेकर कई बार घेराव और धरना प्रदर्शन भी हो चुका है, लेकिन फिलहाल कोई बात नहीं बन रही। इसी बात को लेकर सोमवार की शाम को कॉलेज में प्रधानाचार्य के कक्ष में बैठक चल रही थी। वह जिला विद्यालय निरीक्षक से बात कर रहे थे। बैठक में प्रशासनिक अधिकारी भी थे।
इसी दौरान छात्रों की भीड़ कॉलेज पहुंच गई और छात्र अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से अंतिम निर्णय बताने की बात करने लगे लेकिन कोई सटीक जवाब न मिलने से छात्र गुस्सा गए और उन्होंने बाहर से प्रधानाचार्य का कमरा बंद कर दिया। इससे प्रधानाचार्य और अधिकारी कमरे में बंद हो गए। अधिकारियों ने अंदर से ही छात्रों को समझाने की लाख कोशिश की लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे।
उधर, मामले की जानकारी मिलने पर सीओ सिटी व अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अंक चढ़ाने की मांग को लेकर डटे रहे। इसी दौरान छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, पुलिस ने गेट खुलवाने का प्रयास किया लेकिन छात्र नहीं माने।
छात्रों का रुख देखकर मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने गेट खुलवाया और बल प्रयोग करते हुए छात्रों को खदेड़ दिया। जिससे छात्रों में भगदड़ मच गई और छात्र इधर-उधर सड़कों पर दौड़ लगाते हुए नजर आए। भगदड़ से परिसर में रखे गमले और सामान टूट-फूट गया। वहीं जानकारी मिलने पर कांग्रेसी नेता भी कोतवाली पहुंच गए, लेकिन पुलिस के अधिकारियों ने उनसे कोई बातचीत नहीं की।
students protest over incomplete marksheet