झांसी। मंगलवार को हुई सिंचाई बंधु की बैठक में किसानों ने खाद की कालाबाजारी को लेकर आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि खाद विक्रेता किसानों को यूरिया की एक बोरी तीन सौ से साढ़े तीन सौ रुपये में बेच रहे हैं। उन्होंने दोषी विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद कृषि विभाग ने दुकानों की जांच की और शिकायतों की पुष्टि होने पर सात दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए।
विकास भवन में हुई बैठक जैसे ही शुरू हुई किसानों ने यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा उठाया। भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष अविनाश भार्गव ने कहा कि पहले किसान डीएपी के लिए परेशान रहे। उन्हें घंटों लाइन में लगने के बाद भी डीएपी नहीं मिली। अब यही हाल यूरिया लेने में हो रहा है। आरोप लगाया कि किसानों को कोई दुकानदार तीन सौ रुपये में तो कोई दुकानदार साढ़े तीन सौ रुपये में यूरिया खाद की एक बोरी बेच रहा है। यदि विरोध करो तो वह देने से इंकार कर देता है। उनके आरोप लगाते ही अधिकारियों ने जांच का निर्णय लिया। इस मौके पर सिंचाई प्रखंड बेतवा के अधिशासी अभियंता उमेश कुमार, मनमोहन सिंह, उप कृषि निदेशक केके सिंह, अधिशासी अभियंता बिजली शैलेंद्र कटियार, किसान नेता महेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
उधर, यूरिया खाद की कालाबाजारी की शिकायत पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर खाद की दुकानों की जांच की। इसमें रामराजा ट्रेडर्स बबीना, राय एजेंसी रक्सा, जय बजरंग ट्रेडर्स सिमरावारी, गुप्ता खाद भंडार सिमरावारी, आरके ट्रेडर्स सिमरावारी, प्राची ट्रेडर्स डेली और कुमार ट्रेडर्स बबीना में गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। उप कृषि निदेशक केके सिंह ने बताया कि यदि कोई खाद विक्रेता ओवररेटिंग करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।