झांसी। मंडल के रेल अधिकारी और कर्मचारियों ने वाहन भत्ते के नाम पर बड़ा गोलमाल कर दिया। विजिट के लिए बस या स्कूटर इनके लिए मान्य है लेकिन इन्होंने भुगतान के लिए टैक्सी के बिल लगा दिए। इतना ही नहीं पेमेंट भी ले लिया। जांच में यह मामला उजागर होने के बाद अब वसूली के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे रेलवे कर्मियों की संख्या 100 से भी अधिक बताई जा रही है।
रेलवे ग्रुप बी (अधिकारी) और ग्रुप सी (कर्मचारी) सेवकों को आसपास की स्थानीय सरकारी यात्राओं के लिए प्रतिपूर्ति भत्ता (वाहन) देता है। इसी तरह ग्रुप ए के अफसरों को टैक्सी उपयोग करने की पात्रता है। ग्रुप बी और ग्रुप सी के सेवकों को 12 रुपये प्रति किलोमीटर, ग्रुप ए के सेवकों को 24 रुपये प्रति किलोमीटर भत्ता मिलता है।
मगर झांसी मंडल में अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस भत्ते के नाम पर जमकर जेब भरीं। जांच के दौरान पाया गया है कि कुछ रेल सेवकों जिनकी पात्रता टैक्सी की नहीं है, उन्होंने 12 रुपये प्रति किलोमीटर की जगह 24 रुपये प्रति किलोमीटर भुगतान लिया। अफसरों ने भी आंखें मूंदकर वाहन भत्ते के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान कर दिया। इस मामले को लेकर वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक ने अधिक भुगतान लेने वाले अधिकारी और कर्मचारियों से वसूली करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इस संबंध में रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।