झांसी।रेलवे ने आने वाले सालों में ट्रेन के अंदर यात्रियों को वाई- फाई की सुविधा देने की योजना से हाथ खड़े कर दिए हैं। पायलट प्रोजेक्ट में कई चुनौतियां मिलीं। तकनीक भी बेहद महंगी पायी गई। इस कारण परियोजना को बंद कर दिया गया है।
रेलवे ने सभी प्रमुख स्टेशनों पर वाई- फाई कनेक्टिविटी देने के बाद सभी ट्रेनों में यह सुविधा देने की घोषणा की थी। यह प्रोजेक्ट आगामी चार साल में पूरा होना था। पायलट प्रोजेक्ट के तहत हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस में सैटेलाइट कम्युनिकेशन टेक्नालॉजी के जरिये वाई- फाई इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराई गई। प्रोजेक्ट के दौरान देखा गया कि टेक्नालॉजी इंटेंसिव कैपिटल (महंगी तकनीक) के साथ रेकरिंग कास्ट (बार- बार का खर्चा) की आवश्यकता होती है। इंटरनेट का दायरा भी अपर्याप्त था। ट्रेन के सभी यात्री सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे थे। इस हिसाब से यह किफायती तकनीक नहीं पायी गई। इस कारण रेलवे ने फिलहाल इस प्रोजेक्ट को लागू करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल इस परियोजना को बंद कर दिया गया है।
मंडल के 107 स्टेशनों पर मिल रही सुविधा
अभी झांसी रेल मंडल के 164 स्टेशनों में से 107 पर वाई- फाई की सुविधा उपलब्ध है। बचे स्टेशनों पर सिर्फ पैसेंजर ट्रेनें रुकतीं हैं। यात्री भी कम चढ़ते उतरते हैं। इस कारण इन स्टेशनों पर सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है।