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डाकघरों के पांच लाख खातों में डंप पड़ा है छह करोड़, दावेदार कोई नहीं

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मंडल के डाकघरों में जमा पांच करोड़ से अधिक रुपयों के नहीं मिल रहे दावेदार की खबर में ..... प्रवर अधीक?
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झांसी। मंडल में झांसी, ललितपुर और जालौन के डाकघरों में खोले गए लगभग पांच लाख खाते विभाग ने साइलेंट घोषित कर फ्रीज कर दिए हैं। असल में पिछले तीन साल से इन खातों का कोई दावेदार सामने नहीं आ रहा है जबकि इन खातों में छह करोड़ रुपया डंप पड़ा है। ये खाते विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत खोले गए थे।
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मंडल के झांसी, ललितपुर और जालौन में तीन प्रधान डाकघर, 75 उप डाकघर व 534 शाखा डाकघर संचालित हो रहे हैं। इनमें तकरीबन 16 लाख से अधिक खाते हैं। इन्हीं में पांच लाख से अधिक खाते ऐसे हैं जिनमें तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई लेनदेन नहीं हुआ है। इन खातों में डाक विभाग की कई योजनाओं से संबंधित छह करोड़ रुपये धनराशि जमा है। लंबे समय से खातों में लेनदेन की प्रक्रिया नहीं होने के कारण विभाग द्वारा इन खातों को साइलेंट की श्रेणी में डाल दिया गया हैै।
वैसे तो विभाग द्वारा इन खातेदारों की तलाश की जा रही है, लेकिन कई खाते ऐसे हैं जो आधार कार्ड से लिंक नहीं हैं, ऐसे में विभाग भी खाताधारकों को ढूंढ नहीं पा रहा है। विभाग की मानें तो अगर खाताधारक दस साल के भीतर विभाग पहुंचकर जरूरी प्रपत्र नहीं प्रस्तुत करेंगे तो साइलेंट खातों का सारा पैसा सरकार की वेलफेयर स्कीम के तहत जब्त कर दिया जाएगा।
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तीन से सात साल पुराने हैं खाते
झांसी। विभाग ने जिन खातों को साइलेंट घोषित कर दिया है वह विभाग द्वारा संचालित आरडी, पीडी, टीडी, एमआईएस, एससीएसएस और किसान विकास पत्र के अलावा एनएससी से संबंधित खाते हैं।
दोबारा शुरू कर सकते हैं खाते, पर देनी होगी केवाईसी
झांसी। डाक विभाग के अनुसार जो खाते फिलहाल साइलेंट श्रेणी में रखे गए हैं, उन्हें अगर कोई संबंधित खाताधारक दोबारा शुरू कराना चाहता है तो उसे केवाईसी भरनी होगी। इसके अलावा इससे संबंधित प्रमाणपत्रों के साथ खाता फिर से शुरू करने के लिए प्रार्थनापत्र देना होगा। अगर खाताधारकों के नॉमिनी आते हैं तो उन्हें भी संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
मंडल के डाकघरों में तकरीबन पांच लाख खाते ऐसे है जिनमें तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लेनदेन नहीं किया गया है। ऐसे खातों को साइलेंट घोषित कर दिया गया है। इन खातों में तकरीबन छह करोड़ रुपये की धनराशि जमा है। अगर दस साल तक कोई नहीं आता है तो रुपया सरकार की वेलफेयर स्कीम के तहत जब्त कर दिया जाएगा।
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जितेंद्र सिंह, प्रवर डाक अधीक्षक
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