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शरीर से जुड़े जुड़वां बच्चे की किसी ने नहीं ली सुध

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टहरौली। टहरौली में 15 अगस्त को जन्मे शरीर से जुड़े जुड़वा बच्चों की किसी ने भी सुध नहीं ली है। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने की वजह से परिजन बच्चों को इलाज के लिए बाहर नहीं ले जा पा रहे हैं। जांच नहीं होने की वजह से बच्चों की हालत के बारे में भी अभी सही जानकारी नहीं है।
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टहरौली किला निवासी रीना वर्मा पत्नी अमित वर्मा को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को उसे स्वास्थ्य केंद्र बघैरा में भर्ती कराया गया। प्रसव के बाद महिला ने पेट और छाती से जुड़े दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां डॉक्टरों ने हायर सेंटर ले जाने की बात कह दी। इसके बाद अमित पत्नी और बच्चों को लेकर घर आ गया। अमित ने बताया कि उसकी पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं है। छह बीघा खेती है। इससे इतना अनाज नहीं हो पाता है कि घर का खर्च चल सके।
पैसों की कमी होने की वजह से प्रसव के लिए पत्नी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए थे। वहां पर एएनएम के मना करने के बाद भी उनसे अनुरोध कर पत्नी का प्रसव कराया था। शरीर से जुड़े दो बच्चों का जन्म होने पर परेशान हो गया हूं। पीएचसी पर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज में इलाज का भरोसा दिया था लेकिन वहां से निराशा मिली। नवजात बच्चों की हालत देखकर उनके दादा और दादी भी परेशान हैं। गांव के लोगों को जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई हालचाल लेने नहीं आया। उसका कहना है कि टहरौली एसडीएम को भी प्रार्थना पत्र देकर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री सहायता कोष से नवजात बच्चों के इलाज की मांग करेंगे। उसने बच्चों के इलाज के लिए लोगों से भी सहायता करने की अपील की है।
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