झांसी। स्क्रब टाइफस के शिकार मरीजों में भी बीमारी के गंभीर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। 59 साल की महिला स्क्रब टाइफस से संक्रमित होने के बाद एक्यूट किडनी और लिवर फेल्योर का शिकार हो गई थी। शुक्रवार को ठीक होने पर महिला को मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज कर दिया गया।
झांसी में स्क्रब टाइफस के दो मरीज सामने आ चुके हैं। इसमें एक ललितपुर की 59 वर्षीय महिला शामिल है। दोनों को ही इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि महिला को स्क्रब टाइफस होने के बाद उसकी सेहत काफी बिगड़ गई। एक्यूट लिवर और किडनी फेल्योर हो गया। अस्पताल में भर्ती होने के दौरान ही वह बेहोश हो गई थी। तेज बुखार, पीलिया होने के साथ-साथ यूरिन भी रुक गई थी। मरीज ने खाना-पीना तक छोड़ दिया था। मरीज के इलाज के लिए चिकित्सकों ने डॉक्सीसाइक्लिन दवा का इस्तेमाल किया। बताया गया कि इस दवा का काफी असर हुआ। धीरे-धीरे मरीज की सेहत में सुधार होने लगा। शुक्रवार को एक सप्ताह बाद मरीज की अस्पताल से छुट्टी कर दी गई।
क्रॉनिक में हमेशा के लिए खराब हो जाता लिवर, किडनी
विशेषज्ञों ने बताया कि दो तरह के किडनी या लिवर फेल्योर होते हैं। पहला एक्यूट और दूसरा क्रॉनिक। एक्यूट लिवर या किडनी फेल्योर होने पर बीमारी ठीक होने के साथ-साथ वह अंग भी ठीक हो जाता है। जबकि, क्रॉनिक में हमेशा के लिए वह अंग खराब हो जाता है।