झांसी। हाईटेक बदमाशों से लोहा लेने का दावा करने वाली झांसी पुलिस घरों का ताला तोड़ने वाले चोरों तक से निपटने में नाकाम साबित हो रही है। पिछले चार माह की ही बात करें, तब इस दौरान चोरी के विभिन्न थानों में कुल 23 मामले दर्ज हुए लेकिन, पुलिस किसी भी बड़े मामले का खुलासा नहीं कर सकी। ऐसे में पुलिस के आगे चोरों के हौसले बुलंद हैं।
21 जून को नगर निगम के ठीक सामने अति व्यस्ततम सड़क पर स्थित एक मोबाइल की दुकान का ताला तोड़कर चोर भोर में ही 32 लाख के मोबाइल ले उड़े। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे मेें कैद है। घटना के बाद से अब तक तीन थानेदार बदले जा चुके लेकिन, खुलासा नहीं हुआ। पुलिस उस हुलिये के बदमाश को तीन महीने बाद तक नहीं तलाश सकी। इसी तरह कोतवाली, सीपरी बाजार, सदर बाजार एवं प्रेमनगर जैसे शहरी इलाके में भी धड़ाधड़ चोरी की वारदातें हो रही हैं। चोरी करने के बाद बदमाश आराम से गायब हो रहे हैं। पुलिस सिर्फ लकीर पीटने का ही काम कर रही है। पुलिस के इस अंदाज से चोरों के हौसले बुलंद हो चले हैं। पिछले एक माह के दौरान शहर में छोटी चोरियों की घटनाएं भी बढ़ गईं। सीपरी बाजार इलाके में ही चोरों ने मुरारी नगर निवासी मनीष श्रीवास्तव के घर का ताला तोड़कर पुलिस को फिर चुनौती पेश की है। हालांकि एसएसपी शिवहरि मीना का कहना है कि हर घटना के खुलासे के लिए टीम लगाई गई हैं। सभी मामलों का निश्चित तौर पर खुलासा होगा।
केस एक
नवाबाद थाने के अंतर्गत व्यस्ततम सड़क पर स्थित एक मोबाइल की दुकान का ताला तोड़कर चोरों ने दिनदहाड़े 32 लाख रुपये के मोबाइल उड़ा दिए। सीसीटीवी कैमरे में चोरों की यह पूरी करतूत कैद हो गई। फुटेज में चोरों का हुलिया पूरी तरह समझ में आ रहा लेकिन, हैरानी की बात यह कि घटना के करीब तीन माह बीत जाने के बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर सकी।
केस दो
कोतवाली इलाके के बिसाती बाजार स्थित सराफा कारोबारी की दुकान का ताला तोड़कर चोर चार लाख के आभूषण समेत नकदी उठा ले गए थे। यह घटना भी आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। चोर किसी रास्ते से आए और किधर गए, यह भी फुटेज में दिखाई पड़ रहा लेकिन, इस घटना के भी तीन माह बीत जाने के बावजूद पुलिस चोरों की तलाश नहीं कर सकी है।
केस तीन
तिलयानी बजरिया स्थित एक किराना दुकान का ताला तोड़कर चोरों ने गल्ले में रखी पूरी नकदी पर हाथ साफ कर दिया। भुक्तभोगी ने कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया। इस मामले के भी करीब चार माह बीत गए लेकिन, पुलिस इसका भी खुलासा अब तक नहीं कर सकी है।