फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीसरी लहर का डर, बाहर पढ़ने जाने से बच रहे छात्र

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। कोरोना की तीसरी लहर के डर के चलते छात्र-छात्राएं दूरदराज पढ़ने जाने से बच रहे हैं। इसी का परिणाम है कि बीयू कैंपस में प्रवेश का तीन साल का रिकॉर्ड टूट गया है। अब तक 3800 से ज्यादा प्रवेश कैंपस में हो चुके हैं। अभी भी प्रवेश प्रक्रिया जारी है, ऐसे में प्रवेश का ग्राफ और बढ़ सकता है।
विज्ञापन

बीयू कैंपस में लगभग 100 कोर्स चलते हैं। कुछ कोर्सों में मेरिट तो कुछ में प्रवेश परीक्षा के आधार पर एडमिशन होते हैं। बीयू की प्रवेश परीक्षा हो चुकी है। इसके अलावा मेरिट के आधार पर भी सीटें आवंटित की जा चुकी हैं। कैंपस में बीबीए ऑनर्स, बीबीए टूरिज्म, बीसीए ऑनर्स, बीकॉम ऑनर्स, बीएड प्रथम वर्ष, बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी, बीएससी एग्रीकल्चर ऑनर्स, एलएलएम, एमएड, एमएससी एग्रीकल्चर एक्सटेंशन, एमएससी एग्रोफॉरेस्ट्री, एमएससी एग्रोनॉमी, एमएससी एनटोमोलॉजी, एमएससी फॉरेंसिक साइंस, एमएससी जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, एमएससी प्लांट पैथोलॉजी, एमएससी शीड टेक्नोलॉजी, एमएससी सॉयल साइंस एंड एग्रीकल्चरल केमिस्ट्री की सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं। जबकि, एमबीए (आईबी, एफएम, टूरिज्म), बीफार्मा, एमसीए, बीएचएमसीटी-एमएचएमसीटी, बी-आर्क एंड बीटेक कोर्सों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन खोल दिए गए हैं। ऐसे में प्रवेश का ग्राफ और बढ़ सकता है।
ये हैं आंकड़े
वर्ष प्रवेश
2017-18 3196
2018-19 3700
2019-20 3705
बीयू में पिछले तीन सालों में इस बार सबसे ज्यादा प्रवेश हुए हैं। अभी प्रवेश प्रक्रिया जारी है। ऐसे में प्रवेश में और इजाफा संभव है। कैंपस में पढ़ाई और सुविधाओं का स्तर सुधरना मुख्य वजह है। कोविड भी एक कारण है। - प्रो. प्रतीक अग्रवाल, प्रवेश सेल समन्वयक, बीयू।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें