झांसी। महानगर में स्थित 14.55 करोड़ रुपये लागत की 22 शत्रु संपत्तियों को कब्जे में लिया जाएगा। इसके लिए कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी ऑफ इंडिया (सीईपीआई) की टीम जल्द सर्वे करेगी। इसकी तैयारियां शुरू कर दीं गईं हैं।
भारत-पाकिस्तान के बीच 1965 में हुए युद्ध के दौरान देश छोड़कर चले गए लोगों की 22 संपत्तियां महानगर के अलग-अलग स्थानों पर स्थित हैं। इनमें सभी आवासीय भवन हैं, जिनकी सरकारी सर्किल रेट के हिसाब से कीमत 14 करोड़ 55 लाख रुपये आंकी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शत्रु संपत्तियों को प्रशासन अपने कब्जे में लेकर निस्तारण करेगा। ऐसी संपत्तियों से राजस्व भी अर्जित किया जाएगा। फिलहाल कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी ऑफ इंडिया (सीईपीआई) की टीम जल्द यहां आकर शत्रु संपत्तियों का निरीक्षण करेगी। इनसे संबंधित मामलों को निस्तारित कराया जाएगा। इसके बाद इन्हें नीलाम भी किया जा सकता है। सर्किल रेट के अनुसार इन संपत्तियों की कीमत जरूर 14.55 करोड़ रुपये है, परंतु नीलामी के जरिये इनकी कई गुना अधिक कीमत हासिल हो सकती है।
यहां हैं शत्रु संपत्तियां
झांसी। महानगर में शत्रु संपत्तियां अंदर ओरछा गेट, खत्रयाना, गुसाईंपुरा, गंधीगर टपरा, झारखड़िया, पिछोर, हंसारी गिर्द, लहरगिर्द, गढ़ियागांव और पुलिया नंबर नौ में स्थित हैं। ज्यादातर शत्रु संपत्तियों में कोई न कोई रह रहा है। इसके अलावा कई संपत्तियों के मुकदमे न्यायालयों में विचाराधीन हैं।