झांसी। टीबी मरीजों की खोज के लिए राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के इस साल के दूसरे फेज की शुरूआत हो चुकी है। यह अभियान 26 दिसंबर से 25 जनवरी तक तीन चरणों में चलाया जा रहा है। निजी डॉक्टरों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. डीएन मिश्रा ने मल्टी ड्रग रजिस्टेंस टीबी के प्रबंधन के लिए डॉक्टरों का संवेदीकरण किया।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजकिशोर ने क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम में निजी डॉक्टरों के सहयोग की रूपरेखा प्रस्तुत की। मेडिकल कॉलेज के क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मधुर्मय शास्त्री ने नोडल डीआर टीबी सेंटर की कार्यप्रणाली के बारे में निजी डॉक्टरों को जानकारी दी। डॉ. प्रमोद गुप्ता ने बच्चों में होने वाली अतिरिक्त पल्मोनरी टीबी के प्रबंधन की जानकारी दी। इस दौरान डॉ. रजत जैन, डॉ. मनोज मिश्रा, डॉ. विनोद साहू, डॉ. आरआर सक्सेना, डॉ. कामद दीक्षित, डॉ. सुनीत वर्मा, डॉ. मनीष साहू, डॉ. आरआर सिंह, डॉ. अभय गुप्ता, डॉ. एसपी मिश्रा, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. मयंक लिटौरिया, शैलेंद्र उपाध्याय आदि मौजूद रहे।