झांसी। शारदीय नवरात्र की नवमी बृहस्पतिवार को श्रद्धा के साथ मनायी गई। देवी मंदिरों और घरों में धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण किए गए। मां दुर्गा की पूजा के साथ ही घरों में कन्याओं का भी पूजन किया गया। देवी मंदिरों और पंडालों में देवी मांग का अनुपम शृंगार कर महाआरती की गई। इस दौरान मंदिरों और पंडालों में भक्तों की भीड़ रही। वहीं शुक्रवार को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा।
नवरात्र के अंतिम दिन सुबह से ही श्रद्धालु पंचकुइया माता मंदिर, लहर की माता मंदिर, कैमासन मंदिर, महाकाली मंदिर, लक्ष्मी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने लगे। ढोल नगाड़ों और गाजे बाजे के बीच कई श्रद्धालुओं ने मोहक भक्ति नृत्य किया। जय मां अंबे, जय मां जगदंबे के जयकारे लगाए और मां भवानी से सुखद जीवन की कामना की। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने लक्ष्मीगेट स्थित महाकाली मंदिर में पूजन किया। इस दौरान कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अरविंद वशिष्ठ मौजूद रहे। श्री सिद्धेश्वर मंदिर स्थित मां पीतांबरा मंदिर में मां पीतांबरा की वेद मंत्रों के साथ महा आरती की गई। श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुतियां अर्पित कीं। इस अवसर पर आचार्य हरिओम पाठक, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, बाबूलाल तिवारी, अरुण ओझा, रवीश त्रिपाठी मौजूद रहे। वहीं श्रीनव ज्योति दुर्गा उत्सव मंडल पंचकुइयां की ओर से मां दुर्गा की भव्य झांकी सजाई गई। श्रद्धालुओं ने महाआरती की। इसके साथ ही 151 नारियल की आहुति दी गई। कन्याओं को भोजन कराया गया। इधर, आर्य समाज मंदिर शहर में गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति हुई। आचार्य पंडित वीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वेदों को पढ़ना और पढ़ाना सभी आर्यों का धर्म है। इस मौके पर मोहन नेपाली, अशोक सूरी, मुकेश शाक्य, विशाल चौरसिया, मीरा गुप्ता, राजकुमारी, प्रदीप, हरनारायण यादव मौजूद रहे।
भजन गाकर ज्वारे किए विसर्जित
महानगर में कई श्रद्धालुओं ने शारदीय नवरात्र की नवमी पर मां जगदंबा के भजन गाये और विधि विधान से मंदिरों, जलाशयों में ज्वारे विसर्जित किए। वहीं श्रद्धालुओं ने ज्वारों की विसर्जन शोभायात्रा भी शहर में निकाली। यह ज्वारे पंचकुइयां माता मंदिर सहित कई अन्य धार्मिक स्थानों और जलाशयों में विसर्जित किए गए।