झांसी में कोयला संकट के बीच प्रदेश में बारिश होने से सोमवार को बिजली की मांग घटकर 20 हजार मेगावाट से 11 हजार मेगावाट पर पहुंच गई। इस कारण पारीछा थर्मल पावर प्लांट की चारों इकाइयों को स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ (एसएलडी) के आदेश पर बंद कर दिया गया। प्लांट में 920 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है।
वहीं, सोमवार को एक मालगाड़ी मिलने से स्टॉक में दस हजार टन कोयला इकट्ठा हो गया है। उधर, ललितपुर स्थित प्राइवेट बजाज संयंत्र प्लांट में 660-660 मेगावाट की तीन में से दो इकाइयों से उत्पादन किया जा रहा है।
रोजाना 2900 मेगावाट बिजली का उत्पादन
झांसी (पारीछा) के थर्मल पावर प्लांट और ललितपुर में स्थित बजाज पावर प्लांट में रोजाना 2900 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। कोयला संकट के कारण पिछले कई दिनों से दोनों प्लांटों में उत्पादन पूर्ण क्षमता के साथ नहीं हो पा रहा था। मगर, पिछले तीन दिन से प्रदेश में बिजली की मांग घटकर चल रही है। सोमवार को यह मांग घटकर 11 हजार मेगावाट पर पहुंच गई।
बजाज प्लांट की 660-660 मेगावाट की तीन इकाइयों से दो से उत्पादन
पारीछा थर्मल पावर प्लांट में रविवार को स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ के आदेश पर 250 मेगावाट की दोनों इकाइयों से उत्पादन बंद कर दिया गया। जबकि कोयले की कमी के कारण 210 मेगावाट की एक इकाई पहले से ही बंद चल रही थी। सोमवार को बारिश से प्रदेश में डिमांड और घट गई। इस कारण चौथी इकाई को भी बंद कर दिया गया। इसी तरह ललितपुर प्राइवेट बजाज प्लांट की 660-660 मेगावाट की तीन इकाइयों से दो से उत्पादन हो रहा है। एक इकाई पिछले एक हफ्ते से तकनीकी खराबी के कारण बंद चल रही है।
ढाई करोड़ यूनिट का ही हो सका उत्पादन
पारीछा थर्मल पावर प्लांट की चार इकाइयों से एक महीने में करीब दो करोड़ 20 लाख यूनिट का उत्पादन होता है। इसी तरह ललितपुर स्थित प्राइवेट बजाज संयंत्र में एक महीने के दौरान साढ़े चार करोड़ यूनिट बिजली बनती है। मगर, कोयला संकट के कारण पिछले 15 दिन में ढाई करोड़ यूनिट का ही उत्पादन हो सका।
इसलिए बंद की जातीं हैं इकाइयां
बिजली की खपत के हिसाब से उपलब्धता अधिक होने पर फ्रीकि्वेंसी बढ़ जाती हैं। इससे मशीनें ट्रिप हो जाती हैं। सिस्टम को बचाने के लिए ऐसा करना पड़ता है। बिजली खपत के हिसाब से उपलब्धता कम होने पर वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो जाती है। बिजली को स्टोर नहीं किया जा सकता। इस कारण उतना ही उत्पादन किया जाता है, जितनी जरूरत होती है।
स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ के आदेश पर इकाइयों को बंद कर दिया गया है। एसएलडी के आदेश के बाद ही अब उत्पादन शुरू किया जाएगा।
-एमके सचान, मुख्य महाप्रबंधक (पारीछा थर्मल पावर प्लांट)।