कोरोना के मामले भले ही थम गए हों, लेकिन संक्रमण की चपेट में आने वाले लोगों को पोस्ट कोविड बीमारियों समेत कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। हाल ही में कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिसमें कोरोना संक्रमित रह चुकीं महिलाओं को गर्भवती होने में दिक्कतें आ रही हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ ने बताया कि कई महिलाओं में पोस्ट कोविड दिक्कतों के कारण तनाव ज्यादा रहा। इस कारण ब्रेन से निकलने वाले स्ट्रेस हार्मोन ने फीमेल हार्मोंस को प्रभावित कर दिया।
पीसीओडी भी है वजह
कोविड में तनाव की वजह से पीसीओडी बीमारी भी बढ़ी है। पीसीओडी में फीमेल और मेल हार्मोंस का अनुपात गड़बड़ा जाता है। एफएसएच का अनुपात कम हो जाता है। जबकि, एलएच का लेवल बढ़ जाता है। इन हार्मोन में गड़बड़ी की वजह से महिलाओं के शरीर पर पुरुषों की तरह असाधारण बाल उगने लगते हैं। साथ ही बालों का झड़ना, महीने की गड़बड़ी की समस्या भी होने लगती है।
खानपान का रखें ध्यान
कोरोना संक्रमित रह चुकीं महिलाओं को अपने खानपान का विशेष ध्यान देना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक ताजे फल, अंकुरित दालें, चने खाने चाहिए। जबकि, ज्यादा मिर्च मसाला वाले खानपान, जंक फूड से परहेज करना चाहिए। नियमित योगा, व्यायाम करें। देर से सोने और देर से जागने से परहेज करें। खूब पानी पीएं।
आंकड़े
महीना ओपीडी इन्फर्टिलिटी
जून 253 15
जुलाई 443 32
अगस्त 540 24
(नोट: ये आंकड़े मेडिकल कॉलेज के हैं। इनमें से 50 से ज्यादा कोरोना संक्रमित रही हैं।)
केस-1
चार महीने से नहीं हो पा रही प्रेगनेंट
शहर निवासी महिला को एक बच्चा है। कोरोना काल में महिला गर्भवती हो गई। इसी बीच वह कोरोना संक्रमित हो गई। कोरोना में चले इलाज की वजह से भ्रूण ठहर नहीं सका। ठीक होने के बाद से वह पिछले चार महीनों से गर्भवती होने का प्रयास कर रही है लेकिन सारी जांचें ठीक आने के बावजूद वह प्रेगनेंट नहीं हो पा रही हैं।
केस-2
बिगड़ गए पीरियड, चल रहा इलाज
सीपरी बाजार की महिला के पीरियड पहले समय पर होते थे लेकिन कोरोना संक्रमित होने के बाद से दो-दो महीने के अंतराल पर पीरियड होने शुरू हो गए। यह समस्या उसके गर्भधारण करने में आड़े आ रही है। स्त्री रोग विशेषज्ञ ने महिला का इलाज शुरू कर दिया है। जल्द ही महिला के गर्भधारण करने की संभावना जताई है।
कोरोना के चलते हार्मोंन बिगड़ने से कई महिलाओं को गर्भधारण करने में समस्या आ रही है। ज्यादातर महिलाएं खानपान, दिनचार्य सुधारकर और हल्की दवाएं चलाकर ही ठीक हो रही हैं। वहीं, किसी को एंटी ऑक्सीडेंट, मल्टी विटामिन सप्लीमेंट तो किसी को हार्मोनल थेरेपी से ठीक किया जा रहा है। हमने जो डाटा देखा है, उसमें पिछले तीन महीनों में 71 महिलाओं में ऐसे समस्या देखी गई है। 50 से ज्यादा कोविड संक्रमित रही हैं। - डॉ. रजनी गौतम, स्त्री रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज।