ग्वालियर-कानपुर हाईवे पर ट्रकों में भिड़ंत
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मोटर साइकिल सवार को बचाने की फेर में कानपुर-ग्वालियर रोड हाईवे पर दो ट्रकों के बीच आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर करीब पांच किमी लंबा जाम लग गया। पुलिस ने गैस कटर की मदद से ट्रक काटकर तीन घायलों को बाहर निकाला। इनमें से दो की अस्पताल में मौत हो गई जबकि एक की हालत नाजुक बनी हुई है।
दोपहर करीब साढ़े बारह बजे भारी बारिश के बीच सरोज अस्पताल के सामने बने कट से एक मोटर साइकिल सवार अचानक दाईं ओर मुड़ गया। उसी समय कानपुर की ओर से एक ट्रक आ रहा था। मोटर साइकिल सवार को मुड़ता देख ट्रक ड्राइवर ने स्टेयरिंग दाएं मोड़ दी। जैसे ही उसने ट्रक मोड़ा ग्वालियर की ओर से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक उससे सीधे जा भिड़ा। पीछे से एक पिकअप भी रफ्तार में आ रही थी। वह भी टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी दोनों ट्रकों के परखच्चे उड़ गए। पिकअप के पीछे के टायर एक्सेल समेत टूटकर नीचे जा गिरे। दोनों ही ट्रक एक दूसरे में घुस गए। पिकअप करीब पचास मीटर जाकर पलट गई।
टक्कर की आवाज सुनकर आसपास लोग जमा हो गए। सूचना मिलने पर नवाबाद थाना, विश्वविद्यालय चौकी से पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। ट्रक में दो ड्राइवरों समेत एक क्लीनर गंभीर रुप से घायल होकर फंसे थे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने इनको बाहर निकालकर मेडिकल अस्पताल भिजवाया। दुर्घटना के बाद दोनों ही तरफ करीब पांच किमी लंबा जाम लग गया। जाम खत्म कराने में भी पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ा। उधर, देर शाम दोनों ड्राइवरों की मौत हो गई। दोनों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। क्लीनर नौशाद की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही। उसे अभी तक होश नहीं आया है। इंस्पेक्टर नवाबाद के मुताबिक ट्रक पर बस्ती का नंबर पड़ा हुआ है। उसके आधार पर शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
दो घंटे तक ट्रक के भीतर ही फंसे रहे घायल
दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दोनों ही ट्रकों के अगले हिस्से की पहचान नहीं हो पा रही थी। आगे का भारी-भरकम हिस्से के परखच्चे उड़ गए थे। दो ड्राइवर समेत एक क्लीनर बुरी तरह घायल होकर अंदर दर्द से तड़प रहे थे। दुर्घटना के कुछ देर बाद दोनों ड्राइवरों को होश आ गया था। दोनों दर्द से कराहते हुए मदद की गुहार लगा रहे थे। लेकिन, अंदर फंसे होने से बाहर नहीं निकाला जा पा रहा था। भारी बारिश के बीच पुलिस ने किसी तरह गैस कटर का इंतजाम किया। करीब पौन घंटे की मशक्कत के बाद घायलों के अंदर से निकाला जा सका।
जानलेवा बन चुका अस्पताल के सामने बना कट
अस्पताल के सामने बना कट जानलेवा बन चुका है। आसपास के लोगों का कहना है कि इस वजह से यहां अकसर ही हादसा होता है। दरअसल, हाइवे पर बने ढाल सीधा कट पर ही आकर खुलता है। ढाल होने की वजह से वाहनों की रफ्तार तेज होती है। कई बार अस्पताल से लोग सामने से होकर निकलते हैं। इसी वजह से यहां हादसे हो जाते हैं। बृहस्पतिवार को हुआ हादसा भी इसी के चलते हुआ। स्थानीय लोग कई बार इस कट को बंद कराने की भी मांग कर चुके हैं।