उरई के बाद अब पारीछा में सिग्नल पर कपड़ा बांधकर रोकी ट्रेन, लूटपाट
झांसी। उरई के सरसौखी के बाद बदमाशों ने मंगलवार की रात लखनऊ से मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस को पारीछा होम सिग्नल पर रोक कर यात्रियों के साथ लूटपाट की। ट्रेन को सिग्नल पर गीली मिट्टी से लिपटा कपड़ा बांध कर रोका गया। बदमाशों ने खिड़की से हाथ डालकर कई यात्रियों का कीमती सामान छीन लिया। एक महिला यात्री के कान का झुमका लूट लिया। यात्रियों में अफरा तफरी व चीख पुकार मचने पर बदमाश मौके से निकल गए। घटना के कारण गाड़ी 40 मिनट तक मौके पर खड़ी रही। ट्रेन के झांसी आने पर यात्रियों को आरपीएफ व जीआरपी से मदद नहीं मिल सकी। बाद में एक पीड़ित महिला यात्री ने भोपाल पहुंचकर मामले की रिपोर्ट जीआरपी में दर्ज कराई।
मंगलवार की रात करीब दो बजे 02533 पुष्पक एक्सप्रेस चिरगांव से झांसी की तरफ बढ़ रही थी। इसी बीच आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने पारीछा होम सिग्नल पर गीली मिट्टी से लिपटा कपड़ा बांध दिया। इससे ग्रीन सिग्नल दिखना बंद हो गया। सिग्नल न मिलने पर चालक ने ट्रेन को मौके पर रोक दिया। ट्रेन के रुकते ही आसपास झाड़ियों में छुपे बदमाश बाहर निकल आए और स्लीपर व जनरल कोच की तरफ बढ़ गए। बदमाशों को जो भी खिड़कियां खुलीं मिल रहीं थीं उनके अंदर हाथ डालकर उन्होंने यात्रियों का कीमती सामान उठाना शुरू कर दिया। बदमाशों ने एस 9 कोच की बर्थ नंबर 12 पर सो रही महिला यात्री माधुरी चौधरी के कान का झुमका झपट्टा मारकर छीन लिया। महिला उन्नाव से मुंबई के लिए सफर कर रही थी। कई दूसरे यात्रियों का सामान भी खिड़की के रास्ते निकाल लिया गया। अचानक हमले से महिला यात्री घबरा गई और चीख पुकार करने लगी। चीख पुकार मचने लगी। देखते ही देखते दूसरे कोचों के यात्रियों में भी हड़कंप मच गया। जब शोरशराबा मचा तो बदमाश फरार हो गए। इधर, चालक की सूचना पर पारीछा स्टेशन का तकनीकी स्टाफ मौके पर पहुंच गया। स्टाफ ने सिग्नल को ठीक किया। तब कहीं जाकर ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना हो सकी। ट्रेन के झांसी आने पर आरपीएफ व जीआरपी मामले को दबाने में लगी रही। भोपाल में जब उक्त महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई, तब कहीं जाकर उक्त घटना खुलकर सामने आ सकी।