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बच्चों में मोतियाबिंद के लक्षण तो कराएं जांच, होगा नि:शुल्क इलाज

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झांसी। जन्म से ही मोतियाबिंद की समस्या से जूझ रहे बच्चों का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। ऐसे में यदि आपके बच्चे में मोतियाबिंद के लक्षण हैं तो उसे जांच के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर आएं। 26 और 27 अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज में मंडल स्तरीय शिविर लगेगा, जिसमें 19 साल तक के बच्चे चिह्नित किए जाएंगे।
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सिफ्सा के मंडलीय परियोजना प्रबंधक आनंद चौबे ने बताया कि मोतियाबिंद एक आम समस्या है, जो प्रति एक हजार पर एक जन्म में होती है। पीड़ित लाभार्थी मेडिकल कॉलेज में आकर ओपीडी पर्चा बनवाकर सीधे 137 नंबर कमरे में आ सकते हैं। मदद के लिए 9140059554, 6394699329 नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि बच्चों में मोतियाबिंद दो तरीके के होते हैं। पहला गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार के संक्रमण से बच्चे में कई प्रकार के विकार की संभावना बढ़ जाती है, उससे मोतियाबिंद हो सकता है। वहीं, दूसरा सिर या आंख में किसी प्रकार की चोट लगने से भी मोतियाबिंद हो सकता है। ऐसे में जितना जल्दी हो सके, जांच कराकर इलाज कराना चाहिए। वरना बच्चे की आंख की रोशनी कम, खत्म या आंख में तिरछापन आने की संभावना बढ़ जाती है।
क्या है आरबीएसके
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के डीआईईसी मैनेजर डॉ. रामबाबू ने बताया कि आरबीएसके शून्य से 19 साल तक के बच्चों के इलाज के लिए काम करता है। 4डी यानी चार तरह के विकार सहित 40 बीमारियों के लिए परामर्श के साथ इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाता है। चिह्नित बच्चों का नि:शुल्क इलाज, ऑपरेशन पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज के अलावा लखनऊ, कानपुर और अलीगढ़ में कराया जाता है।
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