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बबीना में भाजपा की किरकिरी, दोनों उम्मीदवार जुटा नहीं सके पचास फीसद वोट

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झांसी। बबीना ब्लॉक से भाजपा के दो नेताओं के मैदान में होने से यहां चुनाव दिलचस्प मोड़ में पहुंच गया था। मतदान से पहले दोनों नेताओं के समर्थक बड़े-बड़े दावे कर रहे थे लेकिन, आज मतगणना के बाद दोनों नेताओं की जमीनी हकीकत सामने आ गई। उनके सारे दावे धराशयी हो गए। दोनों भाजपा नेता मिलकर भी पचास फीसदी वोट हासिल नहीं कर सके। इन दोनों को ही कुल 22 वोट मिले जबकि निर्दलीय उम्मीदवार बबीता के खाते में 53 वोट आए। वह बेहद आसानी से जीत हासिल करने में कामयाब रहीं।
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बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा का गृह ब्लॉक होने के नाते विपक्षी दलों ने विधायक को इसी ब्लॉक में घेरने की रणनीति बनाई थी। वहीं, भाजपा से बृजेंद्र राजपूत एवं भरत पाल के मैदान में आने से विधायक राजीव परीछा पशोपेश में फंस गए। वोट बैंक के लिहाज से यह दोनों बिरादरी विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाती हैं। विधायक के धर्मसंकट में फंसे होने से यहां भाजपा अपना अधिकृत उम्मीदवार तक नहीं उतार सकी। इस वजह से पार्टी को चुनाव में खासी किरकिरी झेलनी पड़ी। दूसरे ब्लॉकों में भाजपा उम्मीदवारों ने तगड़ी चुनौती पेश की लेकिन, बबीना ब्लॉक में उसके नेताओं की चुनावी मैदान में जमकर दुर्गति हुई। सबसे शर्मनाक हार भरत पाल को झेलनी पड़ी। उसे सिर्फ चार वोट मिले। नामांकन के बाद भरत ने पर्चा वापस लेने से साफ इंकार कर दिया था। भरत पाल एक समय में पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती के करीबियों में गिना जाता था लेकिन, अब कई विवादित मामलों में घिरा हुआ है। भाजपा का अधिकृत उम्मीदवार न होने से पार्टी यहां बिना लड़े पहले ही बाहर हो गई।
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