आकाश गंगा ने दिखाया हुनर
झांसी। राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व के तहत बुधवार को झांसी के एलवीएम स्कूल के मैदान पर एयरफोर्स की ‘आकाश गंगा’ के प्रदर्शन ने पूरे मैदान को वंदे मातरम के जयघोष से भर दिया। ‘आकाश गंगा’ की टीम में शामिल अलग-अलग पदनाम के 11 कमांडो ने बेहतरीन प्रदर्शन कर झांसी वालों का दिल जीत लिया। इनमें से एक झांसी में पढ़ाई करने वाले अंकुर यादव वर्षों बाद झांसी आए तो शहर घूमे बिना नहीं रह सके। वहीं आगरा के रहने वाले टीम में वॉरेंट ऑफीसर उमेश चौधरी ने कहा झांसी बहुत अच्छा शहर है...।
यूं तो इस टीम में शामिल सभी के दिल गंगा-जमुनी तहजीब में रचे-बसे हैं लेकिन दिल की धड़कन सिर्फ हिंदुस्तान जिंदाबाद का जयघोष करती है। इस टीम ने जब अपना हुनर दिखाया तो समूचा मैदान इनका कायल हो गया।
खुले आसमान में पक्षियों की तरह उड़ती टीम जब एक-एक कर आसमान से जमीन पर उतरी तो नजारा देखने लायक था। इस टीम में उमेश चौधरी वॉरेंट ऑफीसर आगरा से थे। कैलाश चंद्र हाथरस से, एके तिवारी गोपालगंज से, महेश बेलगांव से विशाल देहरादून से, अंसारी बलिया से, अनिल हरियाणा से, मोहंती उड़ीसा से, आफताब खान आगरा से, एके पाल दिल्ली और अंकुर यादव रुड़की से थे।
12 साल बाद रानी की नगरी में लौटा तो ताजा हो गईं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की यादें
झांसी। ‘आकाश गंगा’ की टीम में शामिल अंकुर यादव ने कहा कि 12 साल बाद वह बुधवार को रानी की नगरी में लौटे तो दिल में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान की यादें जाता हो गईं। अंकुर ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2005 से 2009 तक बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में मेकेनिकल की पढ़ाई की थी। उन्होंने बताया कि वह झांसी के शिवाजी नगर में 800 रुपये में किराए पर रहते थे। वहीं पास में किचन से टिफिन लेते थे। अंकुर ने बताया उनके साथ एक दोस्त भी रहता था। दोनों मिलकर 1500 रुपये ही किराया देते थे। कभी-कभार रूम में खाना बनाने की कोशिश करते थे, पर ठीक से बन नहीं पाता था। परीक्षा के समय वह पास के सखी के हनुमान जी मंदिर में जाते थे। उनकी मंदिर में बहुत श्रद्धा थी। वह रहने वाले रुड़की के हैं लेकिन झांसी उन्हें बहुत अच्छा लगता है। बुधवार को वह जब कार्यक्रम में आए तो बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और मंदिर गए। वहां अपने शिक्षकों से मिले और अपना क्लासरूम भी देखा। पढ़ाई के अंतिम वर्ष में उनका सिलेक्शन एयर फोर्स में हो गया था। वह 12 साल बाद झांसी आए तो सारी यादें ताजा हो गईं।
युवाओं को एयरफोर्स के लिए आकर्षित करती है ‘आकाश गंगा’
झांसी। आकाश गंगा टीम में वॉरेंट ऑफीसर उमेश चौधरी ने बताया कि वह आगरा के रहने वाले हैं। उन्होंने 1995 में एयरफोर्स ज्वाइन की थी। वर्ष 2001 में आकाश गंगा टीम में आए। उन्होंने बताया कि उनकी प्रैक्टिस भी आगरा में ही होती है। आकाश गंगा भारत और एबरॉड में अपने आश्चर्यजनक करतब के जरिए युवाओं को एयरफोर्स के लिए आकर्षित करती है। उन्होंने बताया कि वह आगरा में अपनी पत्नी सरिता चौधरी के साथ रहते हैं। उनकी बेटी सलोनी आगरा केवी-1 में 12वीं की छात्रा है। बेटा चंडीगढ़ से इंजीनियरिंग कर रहा है। उन्होंने कहा कि झांसी आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। यहां रानी लक्ष्मीबाई की धरती पर टीम को अपना हुनर दिखाने का मौका मिला।
आसमान से बहुत सुंदर दिखी झांसी
झांसी। देहरादून के विशाल ने कहा कि झांसी में बहुत हरियाली है। शहर बहुत अच्छा लगा। आसमान से झांसी का नजारा काफी सुंदर दिखा। विशाल ने बताया कि उनकी पढ़ाई देहरादून से हुई थी। उन्होंने 2004 में एयरफोर्स ज्वाइन की थी। वह उनकी पत्नी विनीता और सात वर्ष के बेटे आरव के साथ रहते हैं।