कोरोना महामारी से लड़ाई में स्कूलों ने भी साथ दिया। स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर चले टीकाकरण अभियान में झांसी के 296 स्कूलों में शिविरों का आयोजन किया गया। 15 से 17 साल के 77382 किशोरों को तो स्कूल में ही वैक्सीन लग गई। यही नहीं, शिक्षक और स्टाफ ने भी वैक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित कर लिया।
कोरोना संक्रमण काल में जब स्कूल खुले तो अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेजने से डर रहे थे। इसी बीच 16 जनवरी से 15 से 17 वर्ष के बच्चों का कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। स्वास्थ्य विभाग और स्कूल के अधिकारियों ने टीकाकरण अभियान को रफ्तार देने के लिए मिलकर काम शुरू किया। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को स्कूलों के साथ समन्वय करने की जिम्मेदारी दी गई।
ब्लॉक स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों से स्कूलों से संपर्क करने को कहा गया। यह पहल रंग भी लाई। 296 स्कूल टीकाकरण शिविर लगवाने को तैयार हो गए। इन स्कूलों में 77382 छात्र-छात्राओं को वैक्सीन लगाई गई। जबकि, स्वास्थ्य विभाग को 1.40 लाख किशोरों को कोविड टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया था। इमसें से लगभग 60 प्रतिशत लक्ष्य तो स्कूलों से ही पूरा हो गया। इनमें से अधिकांश को दूसरी डोज भी लग चुकी है।
ये बोले स्कूल अधिकारी
कोरोना काल में बच्चों को लेकर अभिभावकों के साथ-साथ हमें भी काफी चिंता थी। स्कूल में 15 से 17 साल के सभी 720 विद्यार्थियों को कोरोना की डोज लग चुकी है। शिक्षक, स्टाफ को मिलाकर 80 को भी टीका लग चुका है।
- प्रीति खत्री, प्रिंसिपल, शियरवुड कॉलेज।
स्वास्थ्य विभाग से बात कर अपने स्कूल में टीकाकरण का शिविर लगाया। ताकि, बच्चे कोरोना से सुरक्षित रहें। स्कूल में 15 से 17 साल के 600 विद्यार्थियों और 72 शिक्षक व कर्मचारियों को वैक्सीन लग चुकी है।
- गौरव मिश्रा, मैनेजर, महात्मा हंसराज मॉडर्न स्कूल।
जनपद में 15 से 17 साल के 296 स्कूलों में 77382 छात्र-छात्राओं को कोरोना की वैक्सीन लग चुकी है। इनमें 90 प्रतिशत विद्यार्थियों को दूसरी डोज भी लगाई जा चुकी है। -
डॉ. रविशंकर, जिला टीकाकरण अधिकारी।