झांसी। मंडल रेल प्रशासन को दिवाली के दिन सवारी और मालगाड़ियों का संचालन करने में परेशानी खड़ी हो सकती है। करीब चार सौ चालक, सह चालकों और गार्डों ने त्योहार पर छुट्टी मांगी है। इनमें कई ऐसे चालक भी हैं, जिनको कई साल से दिवाली पर छुट्टी नहीं मिली है।
कोरोना काल में धीरे- धीरे सामान्य होते हालातों के बीच ट्रेन संचालन भी पूरी तरह पटरी पर लौटने लगा है। मंडल से गुजरने और संचालित होने वालीं 288 ट्रेनों (दैनिक व साप्ताहिक) में 272 गाड़ियों का चलना शुरू हो गया है। इसी तरह 52 पैसेंजर में 24 दोबारा पटरी पर दौड़ने लगीं हैं। गाड़ियों की संख्या के हिसाब से चालक-सह चालक 1500 और गार्ड 500 कार्यरत हैं। इनमें करीब नब्बे प्रतिशत कर्मचारी हिंदू धर्म से जुड़े हैं। इनमें से चार सौ से अधिक कर्मचारियों ने दिवाली पर छुट्टी मांगी है।
इनको छुट्टी देने का अधिकार चीफ क्रू कंट्रोलर के पास है, लेकिन वह वरिष्ठ अधिकारियों की मदद ले रहे हैं। प्रशासन नेे रनिंग कर्मचारियों को विषम परिस्थितियों में ही छुट्टी देने के निर्देश दे रखे हैं। प्राइवेट मेडिकल सिक पर 30 नवंबर तक रोक लगा रखी है। इस कारण कर्मचारी दिवाली पर छुट्टी के लिए हरसंभव सिफारिश में जुटे हैं। दूसरी तरफ, सूत्रों की मानें तो चार सौ में से 50 कर्मचारियों की छुट्टी स्वीकृत करने की तैयारी चल रही है। शेष को इस तरह समायोजित किया जा रहा है कि वह दीवाली पर पूजा के बाद तुरंत गाड़ी लेकर जा सकें। इसके अलावा मुस्लिम और क्रिश्चियन कर्मचारियों को छुट्टी देने से साफ इंकार कर दिया गया है।
दिवाली पर अवकाश के लिए परेशान घूम रहे बिहार के पूर्णिया के रहने वालेसहायक चालक बलवीर कुमार ने बताया कि रक्षाबंधन, दशहरा किसी भी त्योहार पर छुट्टी न मिल पाने से वह घर नहीं जा सका। दिवाली पर भी छुट्टी आसान नहीं है। इस कारण दिवाली के दो दिन बाद छुट्टी मांगी है, ताकि छठ पूजा में शामिल हो सके। यही हाल पटना निवासी महेश, सुदर्शन कुमार, अमित कुमार आदि चालकों का था। पिछले साल त्योहार पर छुट्टी मांगने पर 50 गार्डों को चार्जशीट थमा दी गई थी। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दिवाली पर कर्मचारियों को नियमानुसार ही छुट्टी दी जाएगी।