पटरी व्यवसायियों के कारण शहर में आए दिन जाम लगता है। शहर के प्रमुख बाजारों में सड़क किनारे दुकान लगाकर सामान बेचे जाने के कारण दिन में हर समय शहर के प्रमुख बाजारों में जाम की समस्या पैदा होती रहती है। जाम के कारण शहरवासियों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उधर, जिम्मेदार जाम की समस्या के प्रति उदासीन बने हुए हैं।
सवा तीन लाख की आबादी वाले शहर के ओलंदगंज, कोतवाली, बदलापुर पड़ाव, मछलीशहर पड़ाव, सिपाह, पालिटेक्निक, लाइन बाजार, सब्जी मंडी व नईगंज आदि प्रमुख बाजारों में सड़कों पर पटरी, ठेला व खोमचे वालों का कब्जा रहता है। वे सड़क किनारे दुकान लगाकर सामान बेचते हैं। वर्तमान में शहर में एक हजार से अधिक ठेले व खोमचे वालों सहित पटरी व्यवसायी हैं। सबसे अधिक दिक्कत सुबह व शाम के समय होती है, जब ठेले पर सब्जी बेचने वालों की भीड़ सड़कों पर पहुंच जाती है। इन ठेले वालों का तकरीबन सड़कों के दोनों तरफ कब्जा हो जाता है। इससे जाम की समस्या बढ़ जाती है। लोग काफी देर तक परेशान होने के बाद जाम से निकल पाते हैं। इसकी कई बार शहर के लोग जिम्मेदारों से शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अभी तक इस समस्या के निदान के लिए ठोस कदम नहीं उठा सके हैं।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा का कहना है कि रेहटी सहित ठेले खमोचे वालों को दुकान लगवाने के लिए जगह का चयन किया जा रहा है। शीघ्र ही जगह का चयन कर उसे वेंडिंग जोन बनाकर रेहटी सहित ठेले -खमोचे वालों को दुकान लगवाने का कार्य किया जाएगा।