धनभाव व भूमि उपलब्ध नहीं के कारण जिले में 50 लाख से उपर की 63 परियोजनाएं समय पूरा होने के बाद भी नहीं बन पाई है। इतना ही नहीं इसमें केई परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनके निर्माण का कार्य इसी माह पूरा होने का समय है, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है,कई परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनको शुरू हुए दो से तीन साल हो गया है, वे भी पूरी नहीं हो पाई हैं, जबकि उनका भी समय बीत चुका है। वहीं सब कुछ जानकर जिम्मेदार शासन से धन की मांग करने की बात बताकर चुप्पी साध रहे हैं।
50 लाख से उपर की परियोजनाओं को समय से पूरा कराने को लेकर भले ही समय -समय पर डीएम व कमिश्नर समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उनके समीक्षा करने का कोई असर दिखाई नहीं पड़ रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में चालू वित्तीय वर्ष में कुल 107 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, लेकिन इन परियोजनाओं में से तकरीबन 63 परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसमें से कई परियोजनाओं का समय पूरा हुए एक से दो माह बीत गया है तो कई परियोजनाओं को इसी माह में पूरा होने का समय है, लेकिन इन परियोजनाओं के पूरा होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। कारण धन के अभाव यह परियोजनाएं आधी अधूरी बनकर छूटी हुई है। इसमें से भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण कई परियोजनाएं अभी शुरू भी नहीं हो पाई है, जिसमें महराजगंज में मल्टी परपज बीज स्टोर एंड डिसिमेशन सेंटर सहित नगर पालिका परिषद जौनपुर में आडिटोरियम,अमृत पेयजल योजना फेज दो, सीवरेज, फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हो पाया है, जबकि इन सभी परियोजनाओं को इसी माह तक पूरा करने का समय है। इसके अलावां गौरीशंकर धाम,बाराह तीर्थ रामगढ़ मोढैला, अजोशी हनुमान मंदिर,शाहगंज स्थित बुढिया माई स्थल आदि धार्मिक स्थलों का पर्यटन विकास करनाअंगुली में गौ सरंक्षण केंद्र राजकीय आईआईटी कालेज सिद्दीकपुर, गोमती नदी पर भड़ेहरी घाट पर पुल आदि परियोंजनाओं के निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो पाया है।