जौनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत प्रशासन की सख्ती के बाद भी लाभार्थियों से वसूली की बात सामने आती रही है। इस कार्य में जिम्मेदारों की भी मिलीभगत होती है। हालांकि इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने रेंडम जांच और सीधे लाभार्थियों से संपर्क करने के लिए कॉल सेंटर तक खोलने की योजना तैयार की है।
पीएम आवास शहरी योजना की शुरूआत साल 2016 में हुई। योजना के तहत वर्ष 2022 तक गरीबों का चयन कर उनको आवास बनाने का कार्य किया जाना था। इस योजना की जिम्मेदारी डूडा विभाग को सौपी गई। वर्ष 2016 से अब तक सभी नगर निकायों में योजना के तहत कुल 28 हजार 867 लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किया गया है, लेकिन अभी तक नौ हजार 470 लाभार्थियों का ही आवास बनाया गया है। जबकि 19 हजार 397 लाभार्थियों का आवास नहीं बन पाया है। वहीं देखा जाए अभी तक 22 हजार 501 लाभार्थियों को आवास की पहली किस्त दी गई है, जबकि 17 हजार 38 लाभार्थियों को दूसरी और सात हजार 940 लाभार्थियों को तृतीय किस्त दी गई है। दूसरी ओर आवास आवंटन के नाम पर लगातार धन उगाही की शिकायतें आ रही है। दो दिन पहले ही नगर पालिका जौनपुर में 20 से अधिक लोगों के अपात्र होने की शिकायत की गई थी। इतना ही नहीं बीते दिनों मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र में एक अधिकारी का घूस मांगते आडियो-वीडियो तक वायरल हो गया था। उसके पहले भी पीओ डूडा के आफिस की एक महिला कर्मचारी अपना मूल कार्य छोड़कर पीएम आवास के लाभार्थियों से वसूली कर रही थी, जिसकी शिकायत लाभार्थी ने स्वयं की थी। इसके बाद उसके खिलाफ लाइन बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, साथ ही उसे बाद में कार्यमुक्त कर दिया गया है। इसी तरह कुछ अधिकारी-कर्मचारी पर धन वसूली का आरोप लगाया है, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जौनपुर। मड़ियाहूं के भंडरिया टोला निवासी संतोष कुमार गुप्त ने डीएम मनीष कुमार वर्मा के यहां ऑनलाइन संदर्भ में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में व्याप्त अनियमितता की शिकायत की थी। मामले में उन्होंने डूडा के जेई संतोष कुमार पर लाभार्थियों से पांच से 15 हजार रुपये ऐंठने का आरोप लगाया था। जिसमें उन पर ही मुकदमा दर्ज हो गया था। फिर पीड़ित ने पुन: मामले की शिकायत आइजीआरएस पर की। प्रकरण की जांच डीएम ने सीआरओ राजकुमार द्विवेदी को दी। जांच में उन्होंने पाया कि डूडा के परियोजना अधिकारी अनिल कुमार वर्मा ने जेई दयानंद के माध्यम से आवास के लाभार्थियों से 20 से 25 हजार रुपये अवैध वसूली की गई है। ऐसे में परियोजना अधिकारी डूडा को निलंबित करते हुए जांच की कार्रवाई करते दंडित किए जाने की प्रबल संस्तुति की थी। हालांकि मामाले में डीएम ने सीडीओ अनुपम शुक्ला से आगे की जांच करने को कहा है। साथ ही उनके माध्यम से पीओ डूडा से स्पष्टीकरण मांगने के बाद रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।