जौनपुर के मीरगंज के मेदपुर बनकट गांव के मुसहर बस्ती में एक सप्ताह में तीन बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इसका कारण फूड प्वाइजनिंग बता रहा है। वहीं, सीएमओ के इस गांव में दौरा करने के दूसरे दिन शनिवार को छह बच्चे सहित सात लोगों के बीमार होने की खबर आई। हालांकि ग्राम प्रधान ने सभी को एंबुलेंस से इलाज के लिए मछलीशहर भेजवा दिया। जहां दो की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जबकि इन बच्चों को रेफर होता देख अन्य मरीजों को भी लेकर उनके तिमारदार कहीं चले गए।
मेदपुर बनकट गांव में एक सप्ताह के अंदर तीन बच्चों के मौत हो गई थी। इसकी खबर लगने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम डा. बीएल यादव की अगुवाई में गांव में गई थी। इसके बाद शुक्रवार को खुद सीएमओ डा. लक्ष्मी सिंह भी आई थी। उन्होंने पानी की जांच व कोविड शत प्रतिशत जांच का निर्देश दिया था। साथ ही मुसहर बस्ती को लोगों से बासी खाना से बचने की सलाह दी थी। लेकिन, शनिवार को इसी मुसहर बस्ती से बनारसी का लड़का प्रिंस (4), बनारसी की बेटी संध्या (6), मनोज का बेटा मीनु (3), मनोज का ही बेटा आनंद (5), समारु की बेटी रीना (12) कांता का बेटा बंधन (8) के साथ भारत की पत्नी जैतिरा (25) एक के बाद एक करके सभी पेट में दर्द होने की शिकायत की।
इसपर ग्राम प्रधान सुशीला देवी के पति शेर बहादुर यादव ने इसकी जानकारी सीएचसी मछलीशहर में दी तो वहां से उन्हें एंबुलेंस से भेजने की बात कही। जिसके बाद एंबुलेंस से बीमार सभी पांच बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मछलीशहर भेजकर भर्ती कराया गया। लेकिन, चिकित्सकों ने संध्या और मीनु की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस संबंध में सीएचसी मछलीशहर के अधीक्षक डा. आरपी विश्वकर्मा का कहना है गांव में ही किसी के घर कार्यक्रम था, जहां से ये लोग खाना लेकर आए थे और दो-तीन दिन से उसे खा रहे हैं, जिससे सभी फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो रहे हैं। दो बच्चों की तबियत ज्यादा खराब होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि इसके बाद बाकी अन्य मरीजों को उनके तिमारदार कहीं लेकर चले गए।