सिकरारा थाना क्षेत्र के सकल देल्हा गांव के यादव बस्ती में बुधवार की रात करीब एक बजे कच्चे मकान की दीवार बगल रखे छप्पर पर गिर गई। जिससे छप्पर में सो रहीं उर्मिला देवी (47) मलबे में दब गईं। आनन-फानन में परिजनों ने उन्हें बाहर निकाला और बरईपार बाजार स्थित एक चिकित्सक के यहां ले गए। जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जौनपुर जिले के अलग-अलग स्थानों पर दीवार गिरने से मलबे में दबकर चार लोगों की मौत होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। प्रशासन ने मृतकों के आश्रितों की मदद के लिए कोशिशें तेज कर दी है। एडीएम राम प्रकाश ने डीएम के माध्यम से सचिव और राहत आयुक्त को पत्र भेजा है। जिसके मुताबिक सदर तहसील क्षेत्र के सकल देल्हा गांव निवासी उर्मिला देवी की दीवार के मलबे में दबने से मौत हो गई है।
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इसके अलावा मछलीशहर क्षेत्र के सरायखानी गांव निवासी भरत लाल व उनकी पत्नी गुलाबा देवी एवं उनकी बेटी साक्षी की भी मौत हुई है। इस हादसे में उनके परिवार के दो लोग घायल हो गए हैं। एडीएम ने बृहस्पतिवार को दोपहर में सरायखानी गांव में पीड़ित परिवार के परिजनों से मिलकर उनको सांत्वना भी दी।
साथ ही प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये सहायता राशि दिलाने की कोशिश की जा रही है। आश्रितों को पक्के आवास के लिए विकास विभाग को निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि सचिव और राहत आयुक्त को डीएम के माध्यम से पत्र भी भेजा गया है।
सरायखानी में बृहस्पतिवार को पूरे दिन मातमी सन्नाटा पसरा रहा। हर कई भरत लाल जायसवाल के घर ही नजर आ रहा था। लोगों की जबान पर यह चर्चा रही कि काश बुधवार की रात पड़ोसियों की बात उन्होंने मान ली होती तो शायद आज यह दिन नहीं देखने को मिलता।
बुधवार रात करीब 11 बजे बगल स्थित एक कच्चे मकान की एक दीवार गिर गई थी, जिसके बाद सभी लोग एकजुट हुए थे। इसकी सूचना भरत लाल को भी दी गई थी। साथ ही कहा गया कि दूसरे कमरे में जाकर सोए। जिस पर उन्होंने कहा था कि कुछ देर बाद दूसरे कमरे में चले जाएंगे। लेकिन, किन्हीं कारणों से वह वही लेटे रहे और सुबह करीब 4 बजे मकान गिर गया।
मलबे में दबकर तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, हादसे की खबर सुनकर मायके से पहुंची भारत लाल की मां सांवली देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। घटना के एक दिन पहले भरत लाल की मां सांवली देवी अपने ज्येष्ठ पुत्र राजेश के साथ अपने मायके गई थी।