जौनपुर। जिले के दोनों सांसद श्याम सिंह यादव और वीपी सरोज सांसद बनने के बाद अभी तक अपनी पहले साल की निधि की पूरी धनराशि खर्च नहीं कर पाए हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में इन दोनों सांसद को पहले निधि की धनराशि स्वीकृत की गई थी। जबकि दो वित्तीय वर्ष बीत चुके हैं। जौनपुर सांसद अभी तक अपनी पहले निधि की पहली किश्त की धनराशि को खर्च नहीं कर पाए हैं, जिससे उनको दूसरी किश्त अभी तक नहीं मिली है। वहीं मछलीशहर सांसद भी एक करोड़ 58 लाख रुपये की धनराशि खर्च नहीं कर पाए हैं। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में फिर उनको क्षेत्र में विकास करने के लिए दो-दो करोड़ मिलने जा रहा है।
जिले मे दो संसदीय सीट जौनपुर और मछलीशहर हैं। वर्ष 2019 में जौनपुर सीट से श्याम सिंह यादव और मछलीशहर सीट से वीपी सरोज सांसद चुने गए। कोरोना के कारण इन दोनों सांसदों को वित्तीय वर्ष 2019-20 में पहले साल की निधि का पांच-पांच करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी। इस दौरान शासन से पहले किश्त के रूप में ढाई-ढाई करोड़ रुपये मिले थे। इस दौरान मछलीशहर सांसद अपनी पहली किश्त खर्च कर दिए, जिसके बाद उनकी दूसरी किश्त मिल गई है। सांसद ने इस दौरान पेयजल, सड़क, ऑक्सीजन प्लांट व शिक्षा आदि पर अभी तक तीन करोड़ 42 लाख रुपये खर्च किए । लेकिन अभी भी पहले निधि की शेष बची एक करोड़ 58 लाख की धनराशि खर्च नहीं कर पाए हैं। हालांकि निधि की शेष धनराशि से सोलर लाइट, इलेक्ट्रिक हाईमास्ट लाइट और मड़ियाहूं में धर्मशाला बनवाने का प्रस्ताव दिया है। लेकिन अभी तक प्रस्तावित कार्य पूरे हो पाए हैं, जिससे निधि की शेष बची धनराशि खर्च नहीं हो पाई है। वहीं जौनपुर सांसद श्याम सिंह यादव की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2019-20 में निधि की पहली किश्त ढाई करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन अभी तक इस पूरी धनराशि को खर्च नहीं कर पाए हैं। इसमें से मात्र 42 लाख सात हजार रुपये की धनराशि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगवाने में खर्च हुए हैं, शेष दो करोड़ सात लाख 30 हजार की धनराशि बची हुई है। इस धनराशि को खर्च करने के लिए उन्होंने प्रस्ताव भी नहीं दिया है। इस कारण उनकी दूसरी किश्त भी नहीं आ पाई है।
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- सांसद बनने के बाद पहले साल मिली निधि के शेष बचे धनराशि को खर्च करने के लिए प्रस्ताव दे दिया गया है। इसमें सोलर लाइट, इलेक्ट्रिक हाई मास्ट लाइट और मड़ियाहूं में धर्मशाला बनवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। यह कार्य हो जाने के बाद पहले साल की निधि का पांच करोड़ खर्च हो जाएगा। इस साल निधि के दो करोड़ रुपये मिलेंगे। उससे भी क्षेत्र में अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे।
- वीपी सरोज, सांसद मछलीशहर
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- निधि के तहत मिलने वाली सभी धनराशि से एक ही बार में क्षेत्र के विकास की योजना बनाया हूं। इसी वजह से वर्ष 2019- 20 में निधि की पहली किश्त से सिर्फ जिला अस्पताल में आक्सीजन प्लांट बनवाया हूं। पिछले वित्तीय वर्ष की निधि की धनराशि को नहीं रोकना चाहिए था, निधि आने पर कोरोना काल में जनता के हित के लिए कार्य हुआ होता, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। चालू वित्तीय वर्ष में निधि की दो करोड़ रुपये मिलेेंगे, जिससे क्षेत्र का विकास और जनता के हित का कितना कार्य हो पाएगा।
- श्याम सिंह यादव, सांसद जौनपुर
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- वर्ष 2020 में मै राज्यसभा सांसद चुनी गई हूं। इस साल पहली बार मेरे निधि में दो करोड़ रुपया मिलेंगे, जिसको पार्टी के दिशा निर्देशों के अनुसार खर्च करूंगी। इसके बाद जो धनराशि बचेगी। उससे तालाब और पोखरों का सुंदरीकरण कराने का कार्य करूंगी, जिससे छठ सहित अन्य पर्व व पूजा करने में दिक्कत न हो। इसके अलावा जन कल्याण से संबंधित कार्य कराऊंगी। - सीमा द्विवेदी, राज्यसभा सांसद
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- सांसद अपने निधि की धनराशि अपने कार्यकाल में चाहे जब खर्च कर सकता है। जहां तक जौनपुर सांसद के पहली निधि की पहली किश्त पूरी खर्च नहीं होने का सवाल है तो वह जब उस धनराशि को खर्च कर देंगे तो उनको पहले निधि की दूसरी किश्त मिल जाएगी। पिछले वर्ष कोरोना के कारण सांसद निधि रोक दी गई थी। इस साल दो करोड़ रुपये की निधि देने का कोई शासनदेश अभी शासन से नहीं आया है।
- अरविंद कुमार सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए