केराकत के विधायक दिनेश चौधरी के प्रस्ताव पर जिले का नाम जौनपुर से बदलकर जमदग्निपुरम करने की तैयारी चल रही है। अब सुल्तानपुर और मिर्जापुर जैसे जिलों का नाम बदलने की चर्चा के साथ ही एक बार फिर से जौनपुर का नाम बदलने की मांग तेज हो गई है। जिस पर भाजपा विधायक ने फिर से सीएम को पत्र भेजकर जिले का नाम बदलने की मांग की है।
आदि गंगा गोमती नदी के पावन तट पर जमैथा गांव स्थित है। यहां भगवान परशुराम के पिता महर्षि जमदग्नि का आश्रम है। यह आश्रम आज भी आस्था का केंद्र बना हुआ है। जमैथा में भगवान परशुराम की माता रेणुका अखंड देवी का मंदिर आज भी मौजूद है। यहां लोग पूजा-अर्चना करते हैं। लंबे समय से जिले के नाम बदलने की मांग चल रही है। इसी साल जनवरी में विधायक दिनेश चौधरी ने मुख्यमंत्री को इसके लिए पत्र भेजा था। मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में विधायक ने कहा है कि पहले जिले का नाम भगवान परशुराम के पिता ऋषि जमदग्नि के नाम पर जमदग्निपुरम था। इस कारण अब इस जिले का नाम फिर से जमदग्निपुरम होना चाहिए। इस पर विशेष सचिव लालू ने राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव के अलावा डीएम को 25 फरवरी को पत्र भेजकर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया था। हालांकि अब मुख्यमंत्री को फिर भेजे गए पत्र में भाजपा विधायक दिनेश चौधरी ने कहा है कि पूर्व में जौनपुर का नाम जमदग्निपुरम था। 14वीं शताब्दी में इस शहर का नाम जौनपुर रख दिया गया था। भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में जौनपुर का नाम बदलकर जमदग्निपुरम रखने की मांग की है।