जौनपुर। जिला जेल में हुए उपद्रव के मामले की सोमवार को भी जांच जोरों पर रही। पांच सदस्यीय टीम ने करीब पांच घंटे तक जेल में रहकर पूरे मामले की गहन तहकीकात की। एक-एक बिंदु पर बंदियों और बंदीरक्षकों का पक्ष सुना। जांच टीम को कई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है। टीम अब अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में जुट गई है। मंगलवार तक इसे शासन को भेजने की तैयारी है। उधर, डीआईजी जेल ने भी विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली। जेल की सुरक्षा को सुदृढ़ करने का निर्देश देकर वाराणसी लौट गए।
जेल में उपद्रव के मामले की विस्तृत जांच के लिए डीएम ने पांच सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें एडीएम वित्त रामप्रकाश, एडीएम भू-राजस्व राजकुमार द्विवेदी, एसडीएम नितीश कुमार सिंह, एएसपी सिटी डॉ. संजय कुमार और सीएमओ डॉ. राकेश कुमार शामिल हैं। घटना के अगले दिन ही अफसरों ने जेल पहुंचकर विस्तृत छानबीन की थी। बैरकों में अलग-अलग पहुंचकर बयान दर्ज किए थे। सोमवार को भी सुबह से ही जांच टीम जेल में पहुंच गई। उपद्रव में शामिल रहे चेहरे को चिह्नित करने के बाद जेल में अनियमितताओं के बारे में बंदियों-कैदियों से पूछताछ की। जांच को पारदर्शी बनाने के लिए सभी अधिकारी बैरकों में अलग-अलग पहुंचकर छानबीन कर रहे हैं। एक-एक बिंदु पर कई बार जानकारी ली जा रही है। प्रशासन की विस्तृत जांच के बाद जेल से जुड़े लोगों के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं। माना जा रहा है कि जिला प्रशासन की इस जांच रिपोर्ट के आधार पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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उपद्रव में शामिल अधिकांश चेहरे चिह्नित हो चुके हैं। मूल वजह भी सामने आ गई है। जांच में कोई बिंदु न छूटे, इसके लिए अलग-अलग पूछताछ हो रही है। जांच अधिकारी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे रहे हैं। सब कुछ ठीक रहा तो मंगलवार तक इसे तैयार कर शासन को भेज दिया जाएगा। -मनीष कुमार वर्मा, डीएम।
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कैंटीन में चल रही मनमानी पर होगी कार्रवाई
जौनपुर। उपद्रव की विभागीय जांच कर रहे डीआईजी जेल एके सिंह भी सोमवार को जौनपुर पहुंचे। जेल के अंदर पहुंचकर सुरक्षा इंतजाम और अन्य बिंदुओं पर जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कैंटीन में सामानों की बिक्री कई गुने दाम पर करने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की बात कही। हालांकि अब तक की जांच में जेल प्रशासन नुकसान का आंकलन नहीं कर पाया है। डीआईजी जेल एके सिंह का कहना था कि बंदियों का आक्रोश सबसे ज्यादा अस्पताल की व्यवस्था को लेकर रहा। लिहाजा इसी को ज्यादा क्षति पहुंचाई गई है। दरवाजा-खिड़की, फर्नीचर, उपकरण तोड़ दिए गए हैं। दवाएं लूट ली गईं और रिकार्ड जला दिए गए। जेल के डॉक्टर अभी नहीं आ रहे, जिससे नुकसान का आंकलन करने में दिक्कत हो रही है। जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जहां तक कैंटीन में अधिक दाम वसूलने की शिकायत है तो उसे दूर कराया जाएगा। दस प्रतिशत से अधिक दाम नहीं ले सकते। इसकी अलग से जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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जेल में बनेंगे दो वाच टॉवर
जौनपुर। डेढ़ सौ साल पुरानी जेल में सुरक्षा प्रबंध को बेहतर बनाने के लिए वाच टावर बनाने की तैयारी है। जेल के दो छोर पर ऊंचे वाच टावर बनाए जाएंगे, जहां से पूरे जेल के अंदर की निगरानी रखी जा सके। जेल प्रशासन इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है। फिलहाल लोहे के एंगल पर तैयार अस्थाई टावर ही बनाए जाएंगे, ताकि नई जेल बनने पर उसे सुविधानुसार वहां शिफ्ट किया जा सके। पुरानी जेल होने के कारण यहां अब तक वाच टावर नहीं बना है। इसके चलते निगरानी में बंदी रक्षकों को दिक्कत होती है।