जौनपुर के जमैथा निवासी जफराबाद के पूर्व ब्लाक प्रमुख राजेश सिंह की हत्या में चार लोगों को उम्रकैद की सजा और 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम एकता कुशवाहा ने आनंद को आयुध अधिनियम में तीन वर्ष अतिरिक्त कारावास और पांच हजार जुर्माना लगाया है।
जिला पंचायत सदस्य दीपक यादव एवं शेर बहादुर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। दोनों पर साजिश रचने का आरोप था। राजेश के चचेरे भाई दुर्गेश सिंह ने जफराबाद थाने में दर्ज कराई एफआईआर में बताया था कि 17 सितंबर 2014 की शाम वह टहलने गए थे।
रात 8:45 बजे वह बाबा परमहंस तिराहे पर पहुंचे तो सुनील सिंह के मकान की ओर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। दौड़कर वहां पहुंचे तो देखा दो व्यक्ति दो बाइक स्टार्ट कर बैठे थे और दो लोग वहां खड़ी कार पर गोली चला रहे थे। गोली मारने के बाद चारों बदमाश जौनपुर की ओर भाग गए।
मैं मौके पर पहुंचा तो कार की पीछे की सीट पर मेरे भाई राजेश सिंह लहूलुहान पड़े थे। तभी भाई बृजेश सिंह एवं पंकज सिंह भी आ गए। उन्होंने भी घटना और बदमाशों को भागते देखा। पास ही में सुंदरी सिंह के यहां भोज चल रहा था। वहां मौजूद मनोज, अरविंद, सर्वेश आदि ने भी घटना एवं बदमाशों को देखा था।
राजेश को जिला अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपित आनंद यादव, मनोज, बृजेश को जफराबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने जमैथा के जिला पंचायत सदस्य दीपक उर्फ पप्पू यादव, शेर बहादुर यादव एवं रजनीकांत को भी हत्याकांड में शामिल होना बताया।
आनंद की निशानदेही पर आलाकत्ल पिस्टल बरामद हुआ। एडीजीसी मनोज गुप्ता, प्रवीण सिंह व बृजेश सिंह ने गवाहों को परीक्षित कराया। मामले में राजीव गांधी हत्याकांड से संबंधित रूलिंग कोर्ट में दाखिल की गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आनंद, बृजेश, मनोज और रजनीकांत को हत्या के जुर्म में उम्र कैद और जुर्माने की सजा सुनाई। दीपक व शेर बहादुर को षड्यंत्र के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।