जौनपुर। विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद अब जिम्मेदार अपने विभागीय कार्यो को परवान चढ़ने में जुट गए हैं। वहीं चालू वित्तीय वर्ष का अंतिम माह होने के कारण आए बजट को भी खपाने का काम कर रहे हैं, जिससे उनको बजट वापस न करना पड़े।
विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना जनवरी माह के पहले सप्ताह में निर्वाचन आयोग की ओर से जारी की गई थी,जिसके बाद नए कार्यो को कराने पर रोक लग गई थी। वहीं चुनाव में अधिकारियों व कर्मचारियों के व्यस्त होने के कारण चालू कार्यो को करने की गति भी काफी धीमी हो गई है, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद अब अधिकारी व कर्मचारी अपने विभागीय कार्यो को गति देने में जुट गए हैं। वे इसमें किसी प्रकार कोताही अब नहीं बरतना चाह रहे हैं। कारण चालू वित्तीय वर्ष का अंतिम माह चल रहा है। इस माह को पूरा होने में 21 दिन ही शेष बचे हैं।
ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष हर हाल में विभागीय कार्यो सहित अन्य कार्यो को पूरा किया जाना है, जिसको लेकर अधिकारी व कर्मचारी गंभीर हो गए हैं। वहीं वे अधिक से अधिक कार्यो को पूरा कर बजट खपाने में भी लगे हुए हैं। कृषि विभाग में इस साल छह करोड़ रूपये का बजट आया था, जिसमें से अब तक 5.52 करोड़ रूपये का बजट खर्च हो गया है, शेष 48 लाख रूपया और खर्च किया जाना है। इसी प्रकार मनरेगा में 282.29 करोड़ रूपये का बजट प्राप्त हुआ है, जिसमें 220.35 करोड़ रूपये खर्च हो चुका है। शेष 61 करोड़ 94 लाख बजट खर्च करना बाकी है। वहीं जिला पंचायत राज विभाग में अभी तक 84.56 फीसदी खर्च कर दिया गया है। इस दौरान 243.87 करोड़ बजट आए है, जिसमें से 223.13 करोड़ रूपये खर्च हुए हैं। यही हाल अन्य विभगों का भी है,वे भी काम कराकर बजट खर्च कर रहे हैं, जिससे उनको बजट वापस न करना पड़े।