फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्लड प्रेशर और शूगर हैं किडनी के दुश्मन रहे सावधान

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। रक्त से नाइट्रोजनयुक्त पदार्थ, एसिड और यूरिया व क्रिएटिनिन जैसे हानिकारकर पदार्थों को शरीर से छानकर ब्लड के शुद्ध बनाने का काम करती है। ऐसे लोग जो शूगर के मरीज हैं और ब्लड प्रेशर की शिकायत है तो सावधान रहने की जरूरत है। ब्लड प्रेशर और शूगर के 90 मरीजों में किडनी की परेशानी होने की संभावना रहती है। तेल मसाले से बने भोज्य पदार्थ और स्टेरायड भी किडनी को हानि पहुंचाती है। जिससे किडनी खराब होने की संभावना रहती है। किडनी की बीमारी साइलेंट किलर के रूप में जाना जाता है। बीमारी का पता तब चलता है जब इस पर नियंत्रण कर पाना संभव नहीं होता है। यदि आप की उम्र 40 साल हो गई है तो नियमित रूप से किडनी की जांच करा लेनी चाहिए। छोटी सी जांच से भी किडनी की गतिविधियों की जानकारी हो सकती है। छोटी से लापरवाही भी किडन के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
विज्ञापन

सामान्य तौर पर नेफ्रैटिस के इलाज के लिए दवाओं के साथ विशेष उपचार की आवश्यकता होती है। जिससे की किडनी से अतिरिक्त तरल पदार्थ और हानिकारक प्रोटीन को खत्म किया जा सके। ग्लोबल बर्डन डिजीज (जीबीडी) के अध्ययन के अनुसार क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) को भारत में मृत्यु दर के आठवें प्रमुख कारणों में से एक के रूप में देखा जाता है। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. अरुण कुमार मिश्र का कहना है कि शूगर और ब्लड प्रेशर के मरीजों में किडनी खराब होने की 90 प्रतिशत संभावना रहती है। खानपान में परहेज करके किडनी की सुरक्षा की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें