जौनपुर। लंबे समय से सरकार के द्वारा उपेक्षित महसूस कर रहे उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक अब आंदोलन करने के लिए विवश हो गए हैं। नागरिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय जंघई में हिंदी विभाग में विभागाध्यक्ष और विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के विशेष आमंत्रित सदस्य डॉ. गंगेश दीक्षित ने बताया कि सरकार अपने तो पुरानी पेंशन ले रही है और हम लोगों को जबरदस्ती नई पेंशन स्कीम थोप रही है।
शिक्षकों के साथ हुई आनलाइन वेबीनार में उन्होंने कहा कि प्रोफेसर पद नाम आश्वासन देकर भी नहीं दे रही है। माध्यमिक शिक्षकों की भांति उच्च शिक्षा में भी स्थानांतरण की प्रक्रिया लागू की जाए। आमेलन से वंचित मानदेय शिक्षकों का आमेलन किया जाया। जिन मानदेय शिक्षकों का आमेलन हो चुका है उनको यूजीसी नियमावली के आधार पर कैरियर एडवांसमेंट योजना का लाभ दिया जाए। शिक्षकों के प्रमोशन की विसंगतियों को दूर किया जाए। सेवानिवृत्ति की उम्र केंद्र व राज्यों की भांति 65 साल की जाए। पीएचडी डिग्रीधारी शिक्षकों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षकों की भांति 5 वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए। सभी मांगों को लेकर उच्च शिक्षा के सभी शिक्षक 5 अक्टूबर को विश्वविद्यालय पर धरना देंगे।