जौनपुर। गर्मी शुरू होते ही इस समय 11 मिलियन यूनिट और बिजली की खपत बढ़ गई है, जिससे जिले में इस माह तकरीबन 121 मिलियन यूनिट बिजली की खपत होने की उम्मीद है। वहीं फरवरी माह में 110 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई थी। इतना ही नहीं निर्बाध रूप से बिजली उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदारों ने तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए शासन को 130 करोड़ रूपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद कमियों को दुरुस्त कर निर्बाध रूप से बिजली उपलब्ध कराने का कार्य किया जाएगा।
जिले में कुल छह लाख 83 हजार बिजली उपभोक्ता हैं, जिनको बिजली मुहैया कराने के लिए 62 बिजली उपकेंद्र और 48 हजार ट्रांसफार्मर मौजूद है। जिनसे बिजली आपूर्ति करने का कार्य किया जा रहा है। वहीं शहर में 24 घंटे, तहसील में 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है, लेकिन कभी ट्रांसफार्मर जलने तो कभी फाल्ट आने और जर्जर तार टूटकर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है, जिससे शेड्यूल के मुताबिक बिजली लोगों को नहीं मिल पा रही है।
उधर गर्मी भी शुरू हो गई है, जिसके कारण बिजली की खपत भी बढ़ने लगी है। हालत यह है कि मार्च माह में 11 मिलियन यूनिट और बिजली की खपत बढ़ी है।इस दौरान मार्च माह में 121 मिलियन युनिट बिजली की खपत होने की संभावना है, जबकि ठंड के समय फरवरी माह में 110 मिलियन यूनिट बिजली की खपत थी। गर्मी के समय में शेड्यूल के मुताबिक निर्वाध रूप से बिजली आपूर्ति हो सके। इसके मद्देनजर बिजली निगम की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। वह 130 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है, जिससे समय रहते ही जर्जर तारों को बदलने सहित ट्रांसफार्मरों व उपकेंद्रों की क्षमता बढाने का कार्य हो सके।
विद्युत वितरण मंडल प्रथम के अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने बताया कि गर्मी में बिजली की खपत बढ़ जाती है। फरवरी माह की अपेक्षा इस माह 11 मिलियन यूनिट और बिजली की खपत बढ़ गई है, जिससे इस माह कुल 121 मिलियन यूनिट बिजली की खपत होने की उम्मीद है। वहीं निर्बाध रूप से बिजली मिल सके, इसके लिए भी तैयारी शुरू कर दी गई है। जर्जर तारों को बदलने सहित अन्य कार्यों के लिए निदेशालय को 130 करोड़ रूपये का प्रस्ताव भेजा गया है,जिसे स्वीकृत होने के बाद कमियों को सुधारा जाएगा।