अपर सत्र न्यायाधीश रजनेश कुमार ने गैर इरादतन हत्या करने के मामले में दो सगे भाई समेत तीन आरोपियों को 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 6500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। घटना गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के पौनी हसनपुर की है। इस मामले में मृतक के भाई शिवपूजन ने गौराबादशाहपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
13 अगस्त 2018 को सुबह 7 बजे वादी के भाई दयाराम की लड़की की विदाई कराने ससुराल वाले बोलेरो से आए थे। गाड़ी मोड़ने के दौरान पड़ोसी का खूंटा टूट गया। इसपर पड़ोसी अवधराज ने गाली देते हुए चालक को थप्पड़ मार दिया। उस समय बीच बचाव करके लड़की की विदाई की गई। शाम को 6:15 बजे वादी अवधराज के घर जाकर पूछने लगा कि सुबह रिश्तेदार आए थे तो उनसे झगड़ा क्यों किया। इसे लेकर बात बढ़ गई। अवधराज, उसके भाई वंशराज, पुत्र विजय तथा धर्मेंद्र ने एक राय होकर वादी को मां बहन की गाली देते हुए लाठी डंडा से मारा। वादी को बचाने उसका भाई दयाराम आया तो आरोपी उस पर टूट पड़े। दयाराम को गंभीर चोटें आई और वह वहीं गिर पड़ा। मौके पर गांव के लोगों ने बीच-बचाव किए। एंबुलेंस से दयाराम को सरकारी अस्पताल चोरसंड लाया गया जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला चिकित्सालय जौनपुर रेफर कर दिया। जिला चिकित्सालय में डॉक्टर ने दयाराम को मृत घोषित कर दिया। एक आरोपी अवयस्क होने के कारण पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध केस डायरी कोर्ट में दाखिल की। अभियोजन पक्ष से एडीजीसी संजय श्रीवास्तव व राजेश श्रीवास्तव ने गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अवधराज, वंशराज और विजय को 10 वर्ष की सजा सुनाई ।