कदौरा। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में महिला मजदूरों की संख्या बढ़ाने की कमान अब महिला मेट संभालेंगी। मनरेगा सेल ने इसके लिए 71 महिला मेट को प्रशिक्षित किया है। जल्द ही यह महिला मेट काम शुरू कर देगी। इससे मनरेगा में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी और उन्हें गांव में ही रोजगार मिल सकेगा।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। जिनके लिए स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं अब इसके साथ मनरेगा में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मनरेगा में अधिक भागेदारी बढ़ाने के लिए अब महिला मेट पदों में भी महिलाओं की हिस्सेदारी तय की गई है। सितंबर के प्रथम सप्ताह से महिला मेट कार्य में लग जाएंगे। प्रत्येक महिला मेट को 25 महिला मजदूरों को मनरेगा में काम के लिए प्रेरित करना होगा। चिन्हित किए गए 25 महिला मजदूरों को गांव में ही 90 दिन तक मनरेगा के तहत काम दिया जाएगा। इसके लिए मनरेगा श्रमिकों को प्रति मजदूर 204 और महिला मेट को 330 का भुगतान किया जाएगा।
एपीओ मनरेगा असित रंजन ने बताया कि अभी तक जारी शासन की गाइड लाइन के अनुसार ब्लाक में 71 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। कुछ ने तो अपना काम भी शुरू कर दिया है। जिन ग्राम पंचायतों महिला मेटो ने अभी तक काम शुरू नहीं किया है वहां पर रोजगार सेवक कार्य को देखेंगे। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में रोजगार के लिए मनरेगा योजना का संचालन किया जा रहा है। इसमे महिला मजदूरों की 34 फीसदी भागीदारी है।