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राजस्व वसूली के लिए गए तहसीलदार और बकायेदार में नोकझोंक

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कोच में तहसीलदार और बकायेदार के बीच झड़प के दौरान पहुंची पुलिस - फोटो : ORAI
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कोंच। वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी आरसी के आधार पर तीन लाख रुपये के बकायेदार से राजस्व वसूली करने तहसीलदार की अगुवाई में गई टीम की भिड़ंत हो गई। मामला बढ़ता देख तहसीलदार नरेंद्र कुमार ने पुलिस को भी मौके पर बुला लिया और उक्त बकायेदार को लाकर पकड़ लाए हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया। बंदीगृह से बाहर आकर उक्त बकायेदार ने तहसीलदार पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए शासन और उच्चाधिकारियों से शिकायत के साथ- साथ एक तहरीर कोतवाली में भी दी है।
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तहसीलदार राजस्व संग्रह अमीनों की टीम के साथ मंगलवार की सुबह उरई रोड पर मथुरा प्रसाद महाविद्यालय के पास रहने वाले रामखिलावन के यहां पहुंचे। रामखिलावन बैठा दिख गया तो वसूली टीम ने उसे गाड़ी में बैठने के लिए कहा। तब उसने टीम से कारण पूछा। टीम ने बताया कि उसके ऊपर वाणिज्य कर विभाग का तीन लाख रुपये बकाया है। इस पर रामखिलावन ने कहा कि वह रुपये जमा कर चुका है। अब कोई बकायेदारी नहीं है। बात बढ़ते हुए तूतू मैंमैं तक जा पहुंची। तहसीलदार ने बात बढ़ते देख फोन करके पुलिस को बुला लिया और रामखिलावन को पकड़ कर राजस्व बंदीगृह में डाल दिया। हालांकि थोड़ी देर बाद रामखिलावन को छोड़ दिया गया। उसने तहसीलदार पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। एक तहरीर कोतवाली में देकर शासन और उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की है। इस संबंध में तहसीलदार नरेंद्र कुमार ने अभद्रता के आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि रामखिलावन के ऊपर वाणिज्य कर विभाग का दो साल से तीन लाख रुपये बकाया चला आ रहा था। आज जब वसूली करने टीम गई तो वह बवाल करने लगा। उसे लाकर बंदीगृह में बंद कर दिया गया लेकिन जब बाद में उन्हें स्टे की कॉपी प्राप्त हुई तो उसे छोड़ दिया गया।
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