उरई (जालौन)। रामपुरा थाना क्षेत्र में करीब नौ साल पहले युवक की हत्या के मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम) प्रकाश तिवारी ने दोषी पिता पुत्र को दस दस-साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की आधी राशि मृतक के पिता को देने के आदेश दिए।
मामले की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रणकेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि रामपुरा थाना क्षेत्र के मुहब्बतपुरा निवासी बलराम सिंह ने 28 सितंबर 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में था कि छोटे भाई धर्मेंद्र उर्फ धर्मू (28) बीती रात पड़ोसी के घर में घुस गया था। इस पर पड़ोसी रघुवीर सिंह और उनके बेटे भारत सिंह ने उसकी लाठी डंडों से बेरहमी से पिटाई की थी। जिससे उसकी मौके पर भी मौत हो गई। तत्कालीन थानाध्यक्ष चंद्रशेखर दुबे ने मामले की जांच पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम प्रकाश तिवारी की कोर्ट में चल रही थी। शनिवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं और गवाहों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने पिता-पुत्र को दस-दस साल के सश्रम कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड की धनराशि में मृतक धर्मेंद्र के पिता बलराम को पचास प्रतिशत धनराशि क्षतिपूर्ति के रुप में देने के आदेश दिए। अदालत ने आदेश दिए कि अभियुक्त अर्थदंड की धनराशि अदा नहीं करते है तो उन्हें दो-दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।