लापता तोहिद रहमानी के घर के बाहर बैठे रिश्तेदार
- फोटो : ORAI
उरई, कालपी(जालौन)। बाढ़ देखने गए छह युवक सेल्फी लेते समय नाव पलटने से डूब गए थे। इसमें दो किसी तरह बच कर निकल आए थे। पर शनिवार की देर रात दो युवकों के शव सेना व एसडीआरएफ की टीम ने खोज निकाले थे। इसके बाद रविवार की दोपहर एक युवक का शव और मिल गया है। जबकि 24 घंटे बीतने के बाद भी चौथे एक युवक का कोई पता नहीं चल पाया है। सेना, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस गोताखोरों की मदद से नदी में डूबे युवक की तलाश की जा रही है। युवक के परिजन भी मौके पर मौजूद है।
जिले के कालपी में यमुना नदी पिछले चार दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस कारण कालपी के कई मोहल्लें जलमग्न है। शनिवार को शहर उरई के निवासी तौहीद रहमानी, सोनू उर्फ आमिल खां, देवेश गुप्ता, सोनू श्रीवास्तव, अरमान व कालपी निवासी गौरव सोनी कालपी में बाढ़ देखने गए थे। जहां छह युवक व्यास मंदिर के पास नाव पर सवार होकर सेल्फी ले रहे थे। तभी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई थी। हादसे में सभी युवक नदी में डूब गए थे। आसपास मौजूद लोगों ने सोनू श्रीवास्तव, अरमान निवासी उरई व नाविक को बचा लिया था। जबकि करसान रोड उरई निवासी तौहीद रहमानी, सोनू निवासी बघौरा उरई, देवेश गुप्ता निवासी कोंच बस स्टैंड के पास उरई और कालपी निवासी गौरव सोनी पानी में डूब गए थे। एसडीआरएफ, सेना ने गोताखोरों की मदद से यमुना में डूबे युवकों की तलाश शुरू की थी। जिसमें देर रात देवेश गुप्ता उरई व गौरव सोनी कालपी का शव खोज निकाला था। रविवार की दोपहर तीसरे युवक सोनू उर्फ आमिल का शव भी बरामद हो गया। मृतक व लापता युवक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मृतकों के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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सोनू और देवेश को मौत खींच ले गई बाढ़ की ओर
- दोनों पर ही थी परिवार की जिम्मेदारियां, परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। शहर कोतवाली क्षेत्र के कोंच बस स्टैंड के पास पान मंडी निवासी देवेश गुप्ता(38) पीली कोठी स्थित इलेक्ट्रानिक की दुकान पर काम करता था। तीन भाइयों में वह दूसरे नंबर का था। वह अविवाहित था। पिता रामबिहारी भाई देवेश गुप्ता ने बताया कि वह शनिवार को दुकान पर जाने की कहकर घर से निकला था। उन्हें नहीं पता था कि वह कालपी पहुंच जाएगा। शनिवार की देर शाम जब उन्हें हादसे की सूचना मिली तो घर में कोहराम मच गया। आननफानन में परिजन कालपी पहुंचे। देर रात उसका शव मिलने से परिजनों में बंधी आशा भी टूट गई। इसी तरह शहर कोतवाली के मोहल्ला बघौरा निवासी सोनू उर्फ आमिल(30) शहर स्थित पीली कोठी पर इलेक्ट्रानिक की दुकान कर एसी और फ्रिज की मरम्मत करता था। सोनू भी अविवाहित था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था व परिवार का भरण पोषण करता था। तीन वर्ष पहले ही पिता छुन्नाकी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। जबकि तीन माह पहले मां की भी बीमारी से मौत हो गई थी। उसकी मौत से दो छोटे भाइयों का रो रोकर बुरा हाल है। वहीं शहर के करसान रोड निवासी तौहीद रहमानी(32) भी फ्रिज एसी मैकेनिक था और पीली कोठी स्थित दुकान पर बैठता था। उसकी शादी हो गई थी। उसके दो बच्चियां है। दो बहन व तीन भाइयों में तौहीद सबसे बड़ा था। पिता अफसारुल हक पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन व रिश्तेदार कालपी पहुंच गए थे।
बताते चलें कि डूबे सभी युवक आपस में दोस्त थे और रोज की तरह ही अपने घरों से काम पर निकले थे। इनमें से किसी के भी घर वालों को यह पता नहीं था कि वह सभी कालपी गए है। सभी युवकों के घर वालों को जब नाव पलटने की जानकारी हुई। तब जाकर उन्हें पता चला कि डूबने वालों में उनके घर के लड़के थे।