कदौरा। अब मनरेगा के कार्यों में फर्जीवाड़ा करना आसान ना होगा। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने एक अप्रैल से (एमएमएस) मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम सेवा लागू की है। इस ऐप को डाउनलोड कर अधिकारियों और कर्मचारियों को जॉब कार्ड धारक की दिन में दो बार काम करते हुए फोटो अपलोड करनी होगी।
ब्लाक स्तर पर तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक और मनरेगा मेट को तत्काल ऐप डाउनलोड कर सिस्टम से जुड़ने के निर्देश दिए गए हैं। ब्लाक स्तर पर विभिन्न कार्यों से जुड़े मनरेगा मजदूरों के लिए विभाग ऑफलाइन मास्टर रोल प्रक्रिया के स्थान पर अब ऑनलाइन मास्टर रोल प्रक्रिया लागू करेगा। इसके तहत सुबह 8 से 10 बजे तक और दोपहर 2 बजे के बाद मनरेगा मजदूर ऐप के माध्यम से कार्य स्थल पर कार्य करते हुए दिखाए जाएंगे।
बीडीओ अश्वनी कुमार ने कहा कि अभी मांग न होने की वजह से मनरेगा के कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। सचिवों को निर्देश दिए गए हैं किऐप के माध्यम से मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें।
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मनरेगा के तहत फर्जी भुगतान की शिकायत
कदौरा। विकासखंड के ग्राम मरगांया निवासी आरटीआई कार्यकर्ता अरुण कुमार ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव व अपर आयुक्त को पत्र भेजकर मनरेगा कार्यों में फर्जी भुगतान की शिकायत की है। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम मरगांया में वित्तीय वर्ष 2021-22 को मनरेगा के तहत 60 लाख रुपये से अधिक के कच्चे-पक्के कार्य कराए गए थे। जबकि 20 लाख रुपये से अधिक की लागत से कराए गए कच्चे कार्य सिर्फ कागजों में हुए। उधर, बड़ा गांव निवासी भरत सिंह व क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रदीप कुमार ने जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत गांव में कराए गए मनरेगा के कच्चे-पक्के कार्यों की सूचना एवं बिना आधारकार्ड फीड जॉबकार्ड सहित हुए फर्जीवाड़े का आरोप लगा सूचना मांगी है। जबकि ग्राम पंचायत पथरेहटा के दिनेश पाल, मरगांया के शैलेन्द्र सिंह व रैला गांव के रमेशचंद्र ने भी जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी है। (संवाद)