रामपुरा। 14 साल पहले राम रहीम के डेरे में सत्संग के लिए गए युवक को कसबे के समाजसेवियों ने पुलिस की मदद से उसके परिजनों से मिला दिया। भाई को पाकर परिजन भावविभोर होकर रोने लगे।
रामपुरा कस्बे के निनावली बस स्टैंड के पास कस्बा निवासी रवींद्र चतुर्वेदी व अशोक दीक्षित को एक युवक भटकता मिला। वह मानसिक रूप से बीमार था। बावजूद इसके उसने अपना नाम शंभूनाथ गोस्वामी निवासी सोमेश्वर जिला अलमोड़ा उत्तराखंड बताया। इस पर उन्होंने अपने साथी विवेक राजावत, अनुज प्रताप, मोहित चतुर्वेदी की मदद से इंटरनेट पर खोजबीन की। यही नहीं संबंधित थाने में भी पूछताछ की तो पता चला कि उक्त व्यक्ति की गुमशुदगी वर्ष 2007 में थाने में दर्ज है। थानाध्यक्ष ने शंभूनाथ के भतीजे को थाने बुलवाया और उसे फोटो दिखाई पर उसने पहचानने से इंकार कर दिया। इसके बाद शंभू के भाई ने बताया कि शंभू जब करीब 15 साल का थाए तब राम रहीम के डेरे में सत्संग में गया था। तब से गायब था। इसके बाद परिजन रामपुरा आए और शंभू (44) को पाकर भावविभोर हो गए। शंभू को परिजनों से मिलाने में कल्लू यादव, सुरेंद्र याज्ञिक, पिंटू, अंकुर सिंह, राजूसिंह व विजय सिंह भदौरिया आदि ने मदद की। बता दें कि यह लोग पहले भी एक भटके हुए को परिजनों से मिला चुके हैं।