मलदहिया क्षेत्र का एरियल व्यू जिसमें वायु प्रदूषण के कारण साफ दिखाई नहीं दे रहा है ।
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पिछले कई दिनों से खराब वाराणसी शहर की आबोहवा में मंगलवार को मामूली सुधार दिखा। रविवार और सोमवार की तुलना में मंगलवार को स्मॉग भी कम दिखा। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। वायु प्रदूषण अधिक होने की वजह से बाहर निकलने पर आंखों में जलन, बेचैनी सी महसूस हो रही थी।
इस बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स में भी कमी दर्ज की गई। हालांकि अभी भी पांच गुना से अधिक एक्यूआई है, जो खतरनाक स्तर पर बना है। बढ़ते स्मॉग को देखते हुए स्कूलों में बच्चों को मॉस्क लगाकर जाने की सलाह के साथ ही शहर में जगह-जगह पानी का छिड़काव भी कराया जा रहा है। अब इसका असर भी दिखने लगा है।
मंगलवार सुबह को मौसम साफ दिखा और अन्य दिनों की तुलना में बाहर निकलने में राहत भी रही। पर्यावरणविद प्रो. बीडी त्रिपाठी के अनुसार सूरज निकलने की वजह से वातावरण गर्म हुआ है, इसकी वजह से प्रदूषक तत्व कम हुए हैं। अगर इसी तरह की स्थिति रही तो धीरे-धीरे सुधार होता जाएगा। हालांकि सावधानी बरतने की जरूरत है।
कूड़ा जलाने पर नहीं लग पा रही रोक
नरिया करौंदी मार्ग पर फैली गंदगी और जलता कूड़ा।
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प्रदूषण के बढ़ते ग्राफ को लेकर अधिकारी भले ही कूड़ा जलाने पर रोक लगाने का आदेश दे रहे हैं लेकिन हकीकत में इसका पालन नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को नरिया तिराहे के पास न केवल सड़क पर कूड़ा फेंका पड़ा रहा बल्कि इसको खुलेआम जलाया जा रहा था।
इसके अलावा बीएचयू ट्रामा सेंटर के पास भगवानपुर, महमूरगंज, सिगरा, चांदपुर सहित अन्य जगहों पर कूड़े का ढ़ेर सड़क पर बिखरा पड़ा था। ऐसा नहीं है कि इधर से अधिकारी आ जा नहीं रहे हैं, लेकिन किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स 292 पर पहुंचा
एयर क्वालिटी इंडेक्स में मंगलवार को मामूली सुधार हुआ। सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 354 से 364 था वहीं मंगलवार को एक्यूआई 292 दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स अगर 200 से अधिक है तो यह घातक है। दीपावली पर आतिशबाजी के साथ ही जगह-जगह कूड़े जलाए जाने से स्थिति खराब बनी हुई है।