एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान मृतक मुनेंद्र उपाध्याय की पत्नी प्रियंका ने बताया कि उसके भानू पुत्र भूपेंद्र उर्फ भूरा निवासी ऐंहन थाना हाथरस जंक्शन से काफी दिनों से प्रेम संबंध थे। करीब एक डेढ़ साल पहले वह भानू के साथ चली गई थी। कुछ दिन रहने के बाद स्वयं वापस आ गई थी। तब से ही पति भानु से रंजिश मानने लगे थे। पति उसे रोज दारू पीकर पीटते थे और कहते थे कि पहले भानू को मारूंगा फिर तुझे ठिकाने लगा दूंगा..।
एसपी ने निपुण अग्रवाल ने बताया कि प्रियंका ने बताया कि भानु कुछ दिन बाद एक मुकदमे में जेल चला गया तो वह भानू के दोस्त भोला पचौरी उर्फ रजत पुत्र ओमकांत निवासी बामौर थाना सहपऊ से इंस्टाग्राम से बातचीत करने लगी। भानू के संबंध में जानकारी लेती रही। भोला पचौरी की कचहरी हाथरस में फोटो स्टेट/कंप्यूटर की दुकान है। उसी ने ही भानू की जमानत कराने में पैरवी की थी। भोला द्वारा भानू की पैरवी करने पर प्रियंका के भोला से भी संबंध हो गए। करीब एक डेढ़ माह पहले भानू की जमानत हो गई और वह उससे बातचीत करने लगी। जब भानू का फोन नहीं लगता तो भोला के माध्यम से बात करती थी। उसने भानू को मुनेंद्र द्वारा उसकी हत्या करने की बात भी बता दी थी।
पत्नी बोली, मुनेंद्र आभूषण गिरवी रखकर करा देता उसकी और प्रेमी की हत्या
प्रियंका ने बताया कि उसके पति ने घर के जेवरात बेचकर उन पैसों से भानू को मारने की योजना बना ली थी। जब उसने यह बात भानु को बताई तो उसने कहा कि यदि उसने मुनेंद्र को नहीं मारा तो वह उसे मार देगा। फिर भानू, भोला व प्रियंका ने मुनेंद्र की हत्या की योजना बनाई।
घटना से पहले मुनेंद्र के घर से जाने की जानकारी इंस्टाग्राम से दी
घटना के दिन प्रियंका ने मुनेंद्र के घर से बाहर जाने की जानकारी भानू और भोला को इंस्ट्राग्राम से दी थी। वह सूचना देने के लिए इसका प्रयोग करती थी। भानू व भोला ने राजीव गौतम और उसके अन्य दो-त्तीन साथियों के साथ मिलकर 19 जुलाई की सुबह मुनेंद्र की हत्या कर दी। इसके बाद मोबाइल से यह चैट/कॉल डीलिट की गई थी।
फरार आरोपियों की तलाश में जुटी एसओजी व पुलिस टीम
एसपी ने बताया कि हत्याकांड में शामिल फरार आरोपियों की तलाश में एसओजी व पुलिस की अलग-अलग टीम जुटी हुई हैं। जल्द ही इनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह, कोतवाली सदर, स्वाट, सर्विलांस टीम निरीक्षक गिरीश चंद्र गौतम उपस्थित रहे।