हाथरस के मुरसान में 28 नवंबर से नलकूप के बोरिेंग में फंसी बकरी की 10 दिसंबर को आवाज आना भी बंद हो गया। जिसके चलते प्रशासन टीम ने बकरी को मरा हुआ घोषित कर खोदाई के कार्य को बंद करा दिया। 11 दिसंबर को खोदाई का कार्य पूरी तरह से बंद रहा।
हाथरस में मुरसान स्थित कलेक्ट्रेट के निकट निर्माणाधीन न्यायालय की जमीन पर नगला हीरा सिंह के मुकेश पुत्र सौदान सिंह की बकरी 28 नवंबर को नलकूप के बोरिंग में गिर गई थी। जिसे प्रशासन के द्वारा छह दिन तक जेसीबी व पोकलेन मशीन के द्वारा निकालने की कोशिश की गई।
छठवें दिन 10 दिसंबर को नलकूप के बोरिंग से बकरी की आवाज आना भी बंद हो गया। जिसके चलते प्रशासन टीम ने बकरी को मरा हुआ घोषित कर खोदाई के कार्य को बंद करा दिया। 11 दिसंबर को खोदाई का कार्य पूरी तरह से बंद रहा। इसे लेकर पशु रक्षक दल सहित ग्रामीणों ने प्रशासन की टीम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मुकेश ने अपनी बकरी को जिंदा या उसके शव को प्रशासन से निकालने की गुहार लगाई थी, लेकिन खुदाई कार्य पूरी तरह से बंद होने से सभी उम्मीदें धूमिल हो गईं।